हिंदी सिनेमा के एवरग्रीन हीरो देव आनंद की 1967 की ब्लॉकबस्टर 'ज्वेल थीफ' ने सस्पेंस थ्रिलर शैली को हमेशा के लिए बदल दिया। विजय आनंद के निर्देशन में बनी ये फिल्म हिचकॉकियन स्टाइल की पहली मिसाल बनी, जिसने भारतीय दर्शकों को वेस्टर्न सस्पेंस का स्वाद चखाया। सीआईडी के क्रिएटर बीपी सिंह जैसे दिग्गजों को प्रेरित करने वाली इस मूवी आज भी क्लासिक्स में शुमार है।
'ज्वेल थीफ' में देव आनंद ने एक साधारण सा ज्वेलरी डिजाइनर बनने वाले बिनोद का रोल निभाया, जो चोरों के गिरोह में फंस जाता है। फिल्म की शुरुआत से ही सस्पेंस का तनाव बना रहता है कौन असली ज्वेल थीफ है? विजय आनंद ने अल्फ्रेड हिचकॉक की 'रेबेक्का' और 'सस्पिशन' से प्रेरणा ली, लेकिन भारतीय मसाले डालकर अनोखा फ्लेवर दिया। हर सीन में ट्विस्ट, बैकग्राउंड म्यूजिक का कमाल और देव साहब का स्टाइलिश लुक सबने दर्शकों को बांधे रखा। फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचा दिया और नेशनल अवॉर्ड भी जीता।
विनाश चोपड़ा प्रोड्यूस्ड इस फिल्म में अशोक कुमार, सायरा बानो, वहीदा रहमान और फरीदा जलाल जैसे सितारे थे। देव आनंद का डबल रोल और उनकी आइकॉनिक डायलॉग डिलीवरी ने फिल्म को अमर बना दिया। सिनेमेटोग्राफर जयू मोहन और म्यूजिक डायरेक्टर एसडी बर्मन ने विजुअल्स और गानों ('रुला के गयरी' जैसे) से जादू बिखेरा। ये फिल्म साबित करती है कि 60 के दशक में भी हिंदी सिनेमा ग्लोबल लेवल का था।
सीआईडी क्रिएटर पर गहरा असर
बीपी सिंह ने बताया कि 'ज्वेल थीफ' ने उन्हें सस्पेंस लिखने की कला सिखाई। इसी प्रेरणा से 'सीआईडी' जैसे शो बने, जहां हर एपिसोड में ट्विस्ट रहता है। फिल्म ने हिंदी थ्रिलर्स को 'कौन बनेगा करोड़पति' स्टाइल सस्पेंस दिया। आज ओटीटी दौर में भी 'ज्वेल थीफ' रीवॉच वैल्यू रखती है। देव आनंद का ये मास्टरपीस नई जनरेशन को भी सिखाता है कि सच्ची सिनेमा स्टोरी और सस्पेंस से बनती है।
दिलचस्प बात यह है कि इस फिल्म ने न सिर्फ दर्शकों को रोमांचित किया बल्कि बाद में टीवी जगत को भी प्रभावित किया। मशहूर टीवी शो ‘CID’ के निर्माता बी.पी. सिंह ने स्वीकार किया कि ‘ज्वेल थीफ’ से उन्हें प्रेरणा मिली। उन्होंने कहा कि इस फिल्म की रहस्य और जांच-पड़ताल की शैली ने उन्हें अपने शो की दिशा तय करने में मदद की।
फिल्म की रिलीज़ को आज 58 साल से ज्यादा हो चुके हैं, लेकिन इसका असर अब भी कायम है। हाल ही में सैफ अली खान और जयदीप अहलावत की नई फिल्म ‘ज्वेल थीफ’ का ट्रेलर आया है, जिसे मूल फिल्म से प्रेरित बताया जा रहा है। यह इस बात का सबूत है कि देव आनंद की यह क्लासिक आज भी नई पीढ़ी के फिल्मकारों और दर्शकों को आकर्षित करती है।
‘ज्वेल थीफ’ ने यह साबित किया कि हिंदी सिनेमा भी अंतरराष्ट्रीय स्तर की थ्रिलर फिल्मों का निर्माण कर सकता है। इसने दर्शकों को यह एहसास दिलाया कि रहस्य और रोमांच सिर्फ हॉलीवुड तक सीमित नहीं हैं। फिल्म की सफलता ने हिंदी फिल्मों में सस्पेंस थ्रिलर का ट्रेंड मजबूत किया और आने वाले दशकों में कई फिल्मकारों को इस शैली में काम करने की प्रेरणा दी।