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Cinema Ka Flashback: जब देव आनंद की इस फिल्म ने बदला था हिंदी सिनेमा का सस्पेंस, CID के निर्माता को भी मिली प्रेरणा

Cinema Ka Flashback: हिंदी सिनेमा में थ्रिलर फिल्मों का दौर कई दशक पहले शुरू हुआ था, लेकिन देव आनंद की फिल्म ‘ज्वेल थीफ’ (1967) ने इस शैली को एक बिल्कुल नया आयाम दिया। विजय आनंद द्वारा निर्देशित और देव आनंद के प्रोडक्शन हाउस नवकेतन फिल्म्स के बैनर तले बनी यह फिल्म आज भी भारतीय सिनेमा की बेहतरीन सस्पेंस थ्रिलर्स में गिनी जाती है।

Shradha Tulsyanअपडेटेड Feb 25, 2026 पर 4:19 PM
Cinema Ka Flashback: जब देव आनंद की इस फिल्म ने बदला था हिंदी सिनेमा का सस्पेंस, CID के निर्माता को भी मिली प्रेरणा

हिंदी सिनेमा के एवरग्रीन हीरो देव आनंद की 1967 की ब्लॉकबस्टर 'ज्वेल थीफ' ने सस्पेंस थ्रिलर शैली को हमेशा के लिए बदल दिया। विजय आनंद के निर्देशन में बनी ये फिल्म हिचकॉकियन स्टाइल की पहली मिसाल बनी, जिसने भारतीय दर्शकों को वेस्टर्न सस्पेंस का स्वाद चखाया। सीआईडी के क्रिएटर बीपी सिंह जैसे दिग्गजों को प्रेरित करने वाली इस मूवी आज भी क्लासिक्स में शुमार है।

हिचकॉक

'ज्वेल थीफ' में देव आनंद ने एक साधारण सा ज्वेलरी डिजाइनर बनने वाले बिनोद का रोल निभाया, जो चोरों के गिरोह में फंस जाता है। फिल्म की शुरुआत से ही सस्पेंस का तनाव बना रहता है कौन असली ज्वेल थीफ है? विजय आनंद ने अल्फ्रेड हिचकॉक की 'रेबेक्का' और 'सस्पिशन' से प्रेरणा ली, लेकिन भारतीय मसाले डालकर अनोखा फ्लेवर दिया। हर सीन में ट्विस्ट, बैकग्राउंड म्यूजिक का कमाल और देव साहब का स्टाइलिश लुक सबने दर्शकों को बांधे रखा। फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचा दिया और नेशनल अवॉर्ड भी जीता।

स्टार कास्ट और तकनीकी चमत्कार

विनाश चोपड़ा प्रोड्यूस्ड इस फिल्म में अशोक कुमार, सायरा बानो, वहीदा रहमान और फरीदा जलाल जैसे सितारे थे। देव आनंद का डबल रोल और उनकी आइकॉनिक डायलॉग डिलीवरी ने फिल्म को अमर बना दिया। सिनेमेटोग्राफर जयू मोहन और म्यूजिक डायरेक्टर एसडी बर्मन ने विजुअल्स और गानों ('रुला के गयरी' जैसे) से जादू बिखेरा। ये फिल्म साबित करती है कि 60 के दशक में भी हिंदी सिनेमा ग्लोबल लेवल का था।

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