साउथ और बॉलीवुड के मेल वाली फिल्मों का क्रेज इन दिनों सिर चढ़कर बोल रहा है, लेकिन हालिया रिलीज फिल्म 'डकैत' के साथ समीकरण थोड़े अलग नजर आ रहे हैं। सस्पेंस और एक्शन से भरपूर इस फिल्म से मेकर्स को बड़ी उम्मीदें थीं, लेकिन शुरुआती आंकड़ों ने फिलहाल निराशा ही हाथ लगाई है। अदीवी शेष और मृणाल ठाकुर जैसे मंझे हुए कलाकारों की मौजूदगी के बावजूद, फिल्म ने अपने पहले दिन बॉक्स ऑफिस पर केवल 6.50 करोड़ रुपये का कारोबार किया है।
तेलुगु बेल्ट में बेहतर, हिंदी मार्केट में सुस्त
फिल्म 'डकैत' को हिंदी और तेलुगु दोनों भाषाओं में एक साथ रिलीज किया गया था। इंडस्ट्री ट्रैकर सैकनिल्क के आंकड़ों के अनुसार, फिल्म की कुल कमाई का एक बड़ा हिस्सा (लगभग 88 प्रतिशत) इसके तेलुगु वर्जन से आया है। हिंदी बेल्ट में फिल्म की पकड़ काफी कमजोर रही, जहां इसने मात्र 12 प्रतिशत का योगदान दिया। यह फिल्म अदीवी शेष के लिए खास थी क्योंकि 'मेजर' की सफलता के बाद उत्तर भारत के दर्शक उनसे काफी उम्मीदें लगाए बैठे थे।
'डकैत' की कहानी एक ऐसे कैदी के इर्द-गिर्द घूमती है जो अपनी पूर्व प्रेमिका से बदला लेने के लिए एक खतरनाक जाल बुनता है, जिसने उसे धोखा दिया था। यह फिल्म प्यार, विश्वासघात और बदले की एक भावनात्मक और तीव्र यात्रा है। फिल्म समीक्षकों का मानना है कि इस फिल्म में अगर कुछ सबसे बेहतरीन है, तो वह है मृणाल ठाकुर का अभिनय। उन्होंने अपने किरदार को पूरी ईमानदारी से निभाया है और पूरी फिल्म को अपने कंधों पर टिकाने की कोशिश की है। अदीवी शेष की तीव्रता और निर्देशक-अभिनेता अनुराग कश्यप की दमदार मौजूदगी फिल्म में जान फूंकने का काम करती है। इनके अलावा प्रकाश राज, सुनील और अतुल कुलकर्णी जैसे अनुभवी कलाकारों ने भी अपनी भूमिकाओं के साथ न्याय किया है।
कमजोर स्क्रिप्ट बनी सबसे बड़ी बाधा
भले ही फिल्म के किरदारों की तारीफ हो रही हो, लेकिन इसकी पटकथा और निर्देशन को लेकर समीक्षकों ने काफी सख्त रुख अपनाया है। समीक्षकों का कहना है कि फिल्म की शुरुआत तो बहुत दमदार और उत्साहजनक होती है, लेकिन आगे चलकर इसकी कहानी और स्क्रीनप्ले उलझ जाता है। निर्देशन में निरंतरता की कमी और कमजोर लेखन के कारण यह एक 'फ्रस्ट्रेटिंग वॉच' (निराश करने वाली फिल्म) बनकर रह जाती है।
क्या वीकेंड पर दिखेगा सुधार?
शुक्रवार की धीमी शुरुआत के बाद अब सबकी नजरें शनिवार और रविवार के कलेक्शन पर टिकी हैं। अगर फिल्म को वर्ड-ऑफ-माउथ (दर्शकों की सकारात्मक चर्चा) का सहारा मिलता है, तो इसके आंकड़ों में उछाल आ सकता है। हालांकि, जिस तरह के मिक्स्ड रिव्यूज सामने आ रहे हैं, उसे देखते हुए 'डकैत' के लिए आगे की राह आसान नहीं लग रही है।