'साथ निभाना साथिया' फेम अभिनेत्री देवोलिना भट्टाचार्जी ने असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के 'मियां' वाले बयान पर उनका साथ दिया है। अवैध घुसपैठ के संवेदनशील मुद्दे पर छिड़ी बहस के बीच देवोलिना ने सोशल मीडिया पर सीधे सीएम को संदेश लिखा, जिसमें उन्होंने साफ कहा कि असम के लोग 'मियां' शब्द का मतलब अच्छी तरह जानते हैं। यह बयान असम की राजनीति में चल रही गहरी चर्चा को नई ऊंचाई दे रहा है।
देवोलिना ने सीएम के एक पोस्ट पर कमेंट करते हुए लिखा, "सर, हमें 'मियां' शब्द की कोई व्याख्या की जरूरत नहीं। हम जानते हैं कि यह बांग्लादेशी मुस्लिम घुसपैठ को संदर्भित करता है। इससे उन लोगों को चुभता है जो खुद इसमें शामिल हैं। असम आपके साथ उठ रहा है और हमेशा रहेगा।" यह पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है, जहां कई लोग देवोलिना की बात से सहमत दिख रहे हैं। हाल ही में मां बनीं देवोलिना असम की बेटी के तौर पर अपनी जड़ों से गहराई से जुड़ी हुई हैं, और उनका यह स्टैंड स्थानीय भावनाओं को आवाज देता है।
विवाद की जड़ असम में चल रही स्पेशल रिवीजन (SR) ऑफ इलेक्टोरल रोल्स है। सीएम सरमा ने 28 जनवरी को कहा था कि 'मियां' – अवैध बांग्लादेशी मुस्लिमों के लिए इस्तेमाल होने वाला शब्द मतदाता सूची में परेशानी झेल रहे हैं, क्योंकि उन्हें वोटिंग का हक नहीं। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले का हवाला दिया, जिसमें असम में 'साइलेंट और इनविडियस डेमोग्राफिक इनवेजन' का जिक्र है। सरमा ने आलोचकों से कहा कि वे कोर्ट ऑर्डर पढ़ें। विपक्ष ने इसे सांप्रदायिक रंग देने का आरोप लगाया, लेकिन सरमा ने असम के हिंदू-मुस्लिम मूल निवासियों को इससे अलग बताया।
असम में घुसपैठ लंबे समय से सियासी और सामाजिक मुद्दा रहा है। देवोलिना का समर्थन सीएम की 'असम को बचाओ' मुहिम को मजबूती देता है। एक तरफ जहां ट्रोल्स उन्हें निशाना बना रहे हैं, वहीं फैंस उनकी हिम्मत की तारीफ कर रहे हैं। यह विवाद असम की पहचान, संस्कृति और सुरक्षा पर बहस को तेज कर रहा है। देवोलिना जैसी सेलिब्रिटी का मैदान में उतरना दिखाता है कि स्टार्स भी घर-गांव के सवालों से अलग नहीं रह सकते। असम आगे क्या कदम उठाएगा, यह देखना दिलचस्प होगा।
फैंस और दर्शकों ने देवोलीना के इस बयान पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। कई लोगों ने उनकी ईमानदारी और राज्य के प्रति जुड़ाव की सराहना की। वहीं कुछ ने कहा कि एक सेलिब्रिटी का इस तरह खुलकर बोलना लोगों को और जागरूक करता है।
देवोलीना का यह कदम दिखाता है कि कलाकार सिर्फ़ मनोरंजन तक सीमित नहीं होते, बल्कि समाज और संस्कृति से जुड़े मुद्दों पर भी अपनी आवाज़ उठाते हैं। उनका यह बयान असम के लोगों के लिए गर्व का विषय बन गया है और यह संदेश देता है कि राज्य की प्रगति में हर किसी की भूमिका अहम है।