सौरभ शुक्ला की डायरेक्टोरियल फिल्म 'जब खुली किताब' रिलीज से ठीक पहले चर्चाओं में छाई हुई है। मनीकंट्रोल को दिए एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में सौरभ ने खुलासा किया कि दिग्गज अभिनेत्री डिंपल कपाड़िया को स्क्रिप्ट भेजने की हिम्मत ही न हुई। पंकज कपूर के साथ उनकी जोड़ी वाली ये कहानी 50 साल पुराने वैवाहिक रिश्ते के टूटने की अनोखी दास्तान है, जो Zee5 पर 6 मार्च को रिलीज हो रही है।
सौरभ ने हंसते हुए बताया, "मेरी इतनी हिम्मत न थी कि डिंपल जी को स्क्रिप्ट भेजूं।" फिल्म उनके मशहूर नाटक पर आधारित है, जहां एक बुजुर्ग दंपति गोपाल (पंकज कपूर) और अनुसूया (डिंपल कपाड़िया) के बीच छिपे राज खुलते हैं। शादी के 50 साल बाद अनुसूया का कबूलनामा आता है एक पुराना अफेयर। गोपाल तलाक की मांग करता है, लेकिन भावनाओं का तूफान सबको हिला देता है। सौरभ कहते हैं, "ये रिश्तों की पारदर्शिता का सवाल है। हम कितने लोग सच का सामना कर पाते हैं?" अपारशक्ति खुराना, समीर सोनी, मनासी पारीक, नौहीद सिरुसी जैसे कलाकार सहायक भूमिकाओं में जान फूंकते हैं।
डिंपल का 'हां' कहना आसान न था। सौरभ ने शेयर किया कि वो सीधे मिले। "डिंपल जी ने नाटक देखा था। बातचीत में उन्होंने हामी भर ली। उनकी मौजूदगी फिल्म को गहराई देती है।" पंकज कपूर के साथ उनकी ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री कमाल की है हंसी, आंसू, बहस सब नैचुरल है। सौरभ बताते हैं, "पंकज सर कैमरे के आगे जादू बिखेरते हैं, तो पीछे डायरेक्टर बन जाते। दोनों ने बुजुर्ग प्रेम को इतना खूबसूरत बनाया कि युवा भी जुड़ जाएंगे।"
कहानी की खासियत ये है कि ये परफेक्ट एंडिंग नहीं देती। सौरभ कहते हैं, "लाइफ असल होती है अधूरी और उलझी हुई। प्यार उम्र से परे है।" ट्रेलर में गोपाल-अनुसूया की सुबह की रूटीन, न्यूज पढ़ना, कपड़े पहनाना सब रियल लगता है। फिर बाद में राज खुलता है। अपारशक्ति ने इंटरव्यू में कहा, "सेट पर हंसी-मजाक चलता, लेकिन सीन भावुक हो जाते हैं।" प्रोड्यूसर्स नरेन कुमार, सौरभ शुक्ला, अप्लॉज एंटरटेनमेंट के समीर नायर ने इसे स्पेशल बनाया।
सौरभ शुक्ला ने बताया कि डिंपल कपाड़िया का सहज और दमदार अभिनय फिल्म की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने एक ऐसी महिला का किरदार निभाया है जो लंबे वैवाहिक जीवन के बाद तलाक की स्थिति का सामना करती है। वहीं, पंकज कपूर ने अपने किरदार को बेहद सजीव और भावनात्मक अंदाज में निभाया है। दोनों कलाकारों की केमिस्ट्री फिल्म को और भी प्रभावशाली बनाती है।
फिल्म में अपारशक्ति खुराना एक वकील की भूमिका में नजर आते हैं, जो तलाक की कानूनी प्रक्रिया को संभालते हैं। इसके अलावा मानसी पारेख, नौहीद सिरसी और समीर सोनी भी अहम भूमिकाओं में हैं। इन कलाकारों ने कहानी को और जीवंत बनाने में योगदान दिया है।
सौरभ की डायरेक्टिंग सफर दिलचस्प है। 'बारिक' के बाद ये एक्टर की दूसरी फिल्म है। वो कहते हैं, "नाटक से सिनेमा में बदलाव चुनौती था। डायलॉग्स जीवंत रखे हैं।" डिंपल की तारीफ में बोले, "उनकी आंखों में कहानी बोलती है।" पंकज की निरंतरता ने सीन जिंदा कर दिए।
फिल्म रिलीज के साथ OTT स्पेस में नया धमाका करेगी। सौरभ का मानना है, "रोमांस युवाओं का नहीं, हर उम्र का है।" डिंपल-पंकज की जोड़ी सालों बाद स्क्रीन पर उतरेगी।