Mithi River Desilting Scam Case: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मीठी नदी से गाद निकाले जाने से जुड़े घोटाले से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में बॉलीवुड अभिनेता डिनो मोरिया और उनके भाई सेंटिनो मोरिया तथा BMC के कुछ अधिकारियों समेत कम से कम आठ लोगों को अगले सप्ताह पूछताछ के लिए बुलाया है। ये नोटिस केंद्रीय जांच एजेंसी द्वारा शुक्रवार (6 जून) को महाराष्ट्र के मुंबई और केरल के कोच्चि में इन लोगों से जुड़े 15 से अधिक परिसरों की तलाशी किए जाने के बाद जारी किए गए हैं। आरोप है कि इस घोटाले के कारण बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) को 65 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
एक सूत्र ने पीटीआई को बताया, "अभिनेता डिनो मोरिया, उनके भाई सेंटिनो और बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के कुछ अधिकारियों समेत करीब आठ से नौ लोगों को अगले सप्ताह अलग-अलग तारीखों पर मुंबई स्थित ED कार्यालय में एजेंसी के समक्ष पेश होने को कहा गया है।" सूत्र के अनुसार सभी के बयान मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत दर्ज किए जाएंगे।
ED का मामला मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) की एक FIR से सामने आया है, जो मीठी नदी से गाद निकालने के लिए 2017 से 2023 तक दिए गए ठेकों में कथित रूप से 65.54 करोड़ रुपये के घोटाले के मामले में दर्ज की गई थी।
आर्थिक अपराध शाखा ने घोटाले में संलिप्तता के आरोप में नगर निगम के अधिकारियों और ठेकेदारों सहित 13 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। मीठी नदी मुंबई से होकर बहती है और अरब सागर में मिल जाती है।
एक दिन पहले शुक्रवार को बांद्रा (पश्चिम) इलाके में डिनो मोरिया के घर के अलावा उनके भाई और BMC अधिकारियों तथा ठेकेदारों से जुड़े परिसरों की ED ने तलाशी ली थी। ये छापेमारी महाराष्ट्र के मुंबई और केरल के कोच्चि में 15 से अधिक स्थानों पर मारे गए। इनमें मुंबई के बांद्रा (पश्चिम) में मोरिया के परिसर, उनके भाई सेंटिनो के ठिकाने शामिल हैं। इनमें बृहन्मुंबई महानगर पालिका के अधिकारियों, ठेकेदारों और कुछ अन्य के परिसर शामिल हैं।
सूत्रों ने बताया कि बीएमसी को गाद निकालने का उपकरण प्रदान करने वाली एक कंपनी मेटप्रोप टेक्निकल सर्विसेस प्राइवेट लिमिटेड कोच्चि की है। इसलिए वहां भी तलाशी ली गई। बीएमसी पर 1997 से 2022 तक उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली अविभाजित शिवसेना का नियंत्रण था। 2022 से इसका नियंत्रण राज्य सरकार के पास था तब जिसका नेतृत्व एकनाथ शिंदे कर रहे थे।
पुलिस ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि गाद निकालने के लिए विशेष ड्रेजिंग उपकरण किराए पर लेने की कॉन्ट्रैक्ट में कुछ आपूर्तिकर्ताओं को लाभ पहुंचाने के लिए हेरफेर किया गया था। इस मामले में पिछले महीने मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने मोरिया और उनके भाई से पूछताछ की थी। 49 वर्षीय अभिनेता से पुलिस दो बार पूछताछ कर चुकी है।
ऐसा माना जा रहा है कि पुलिस ने मोरिया बंधुओं से कथित बिचौलिए केतन कदम के साथ उनके कथित संबंधों के बारे में पूछताछ की थी। केतन कदम को इस मामले में एक अन्य आरोपी जय जोशी के साथ गिरफ्तार किया गया था। इसके अलावा, सेंटिनो से जुड़ी एक कंपनी में किए गए कुछ वित्तीय लेन-देन के बारे में भी पूछताछ की गई थी।
यह दूसरी बार है जब मोरिया ईडी के निशाने पर हैं। 2021 में एजेंसी ने गुजरात स्थित दवा कंपनी स्टर्लिंग बायोटेक और उसके प्रमोटरों के खिलाफ कथित बैंक धोखाधड़ी मामले से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत उनकी संपत्ति कुर्क की थी। नदी से गाद निकालने की योजना मुंबई के नगर निगम अधिकारियों ने 2005 की बाढ़ के बाद बनाई थी, जिसने शहर को पूरी तरह से ठप कर दिया था।