भारतीय समाज में अक्सर शादी के बाद एक महिला की इच्छाओं और उसकी 'सहमति'को नजरअंदाज कर दिया जाता है। इसी गंभीर लेकिन अनकहे विषय को ओटीटी की दुनिया में लेकर आई हैं बेहतरीन अभिनेत्री दिव्या दत्ता। उनकी नई सीरीज 'चिरैया' इन दिनों काफी चर्चा में है। दिव्या का मानना है कि यह केवल एक शो नहीं, बल्कि एक ऐसा संवाद है जिसे दशकों पहले शुरू हो जाना चाहिए था।
शादी के भीतर 'सहमति' की एक नई परिभाषा
आमतौर पर माना जाता है कि सामाजिक सरोकारों पर बनी फिल्में या शो केवल महिलाएं ही देखती हैं, लेकिन दिव्या दत्ता इस बात से इत्तेफाक नहीं रखतीं। उनका कहना है कि 'चिरैया' को इस तरह बुना गया है कि यह हर वर्ग और जेंडर के दर्शक को अपनी ओर खींचता है। सीरीज में शादी के भीतर सहमति जैसे संवेदनशील मुद्दे को बिना किसी शोर-शराबे या 'लेक्चर' दिए, बहुत ही सहज तरीके से दिखाया गया है।
सीरीज में दिव्या दत्ता 'कमलेश' नाम की एक छोटे शहर की गृहिणी का किरदार निभा रही हैं। कमलेश एक ऐसी महिला है जिसने सालों से पुरानी मान्यताओं और परंपराओं को बिना सवाल किए स्वीकार किया है। लेकिन कहानी में मोड़ तब आता है जब उसकी अपनी भाभी घर में होने वाले शोषण के खिलाफ आवाज उठाती है।
दिव्या ने बताया कि इस किरदार को निभाने के लिए उन्हें अपने निजी विचारों को किनारे रखना पड़ा। उन्होंने कहा, "मुझे 'दिव्या' को पीछे छोड़ना पड़ा, क्योंकि एक जागरूक महिला के तौर पर मेरे मन में कई सवाल थे, लेकिन कमलेश उन सवालों से अनजान थी। उसकी यात्रा असल में हर उस महिला की यात्रा है जिसे किसी न किसी मोड़ पर खुद को साबित करने के लिए अपने कंफर्ट जोन से बाहर निकलना पड़ता है।"
क्यों है यह एक 'फैमिली वॉच'?
अक्सर बोल्ड विषयों पर बनी सीरीज को लोग परिवार के साथ देखने में कतराते हैं, लेकिन दिव्या दत्ता ने जीयोहॉट्स्टार पर स्ट्रीम हो रही इस सीरीज को 'मस्ट-वॉच फॉर फैमिली' बताया है। उनका मानना है कि जब तक पूरा परिवार साथ बैठकर ऐसे विषयों को नहीं देखेगा, तब तक घर की सोच में बदलाव नहीं आएगा।
सीरीज की मुख्य विशेषताएं:
* लेखन की ताकत: दिलचस्प बात यह है कि महिलाओं के हक की बात करने वाली इस कहानी को दिव्य निधि शर्मा (एक पुरुष लेखक) ने लिखा है, जिसकी दिव्या ने जमकर तारीफ की।
* दिग्गज कलाकार: दिव्या के साथ इस शो में संजय मिश्रा, सीमा पाहवा, और सरिता जोशी जैसे मंझे हुए कलाकार अपनी अदाकारी का जादू बिखेर रहे हैं।
* बदलाव की उम्मीद: ओटीटी प्लेटफॉर्म के जरिए यह शो सीधे लोगों के घरों और उनके लिविंग रूम तक पहुंच रहा है, जिससे जागरूकता फैलने की उम्मीद और बढ़ गई है।
दिव्या का मानना है कि एक कलाकार के तौर पर समाज में जागरूकता फैलाना उनकी जिम्मेदारी है। 'चिरैया' सिर्फ एक मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि यह उन बेड़ियों को तोड़ने की कोशिश है जो एक महिला को उसकी मर्जी जाहिर करने से रोकती हैं।