मैं आदमी नहीं शनि हूं... Drishyam 3 Trailer आते ही ये डायलॉग हो गए वायरल, अजय देवगन से लेकर जयदीप तक के सॉलिड पंच!

Drishyam 3 Trailer: अजय देवगन की मोस्ट अवेटेड फिल्म ‘दृश्यम: द कन्क्लूजन’ का 2 मिनट 52 सेकंड लंबा ट्रेलर रिलीज हो गया है। इस बार विजय सलगांवकर के सामने नई और मुश्किल चुनौतियां सामने आने वाली हैं। फिल्म में अजय देवगन, तब्बू और जयदीप अहलावत के दमदार डायलॉग हैं, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं

अपडेटेड Sep 09, 2026 पर 3:41 PM
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ट्रेलर की शुरुआत में Drishyam 2 फिल्म जहां पर खत्म होती है, वहीं से होती है

Drishyam 3 Trailer: अजय की मोस्टअवेटेड फिल्म दृश्यम: द कन्क्लूजन’ का दमाकेदार ट्रेलर रिलीज हो गया है। फैंस को इसके ट्रेलर का बेसब्री से इंतजार था। ट्रेलर 2 मिनट 52 सेकंड लंबा है। फिल्म में इस बार फिर से विजय सलगांवकर अपने परिवार के सीक्रेट को कानून से बचाने की कोशिश करते हुए नजर आएंगे। इस कोशिश में वह काफी फंसने भी नजर आएंगे। वहीं ये क्राइम थ्रिलर फिल्म 2 अक्टूबर को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। फिल्म का ट्रेलर आज रिलीज किया गया है। ट्रेलर के रिलीज होते ही फिल्म के कई दमदार डायलॉग सोशल मीडिया पर ये तेजी से वायरल होने लगा है। फिल्म के ट्रेलर में अजय देवगन, तब्बू से लेकर जयदीप अहलावत के कई सॉलिड पंच जो अभी सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहे हैं। आइए जानते हैं उन सॉलिड पंच डायलॉग के बारे में

ट्रेलर में जयदीप के दमदार डायलॉग

ट्रेलर की शुरुआत में Drishyam 2 फिल्म जहां पर खत्म होती है, उसके बाद से ही होती है। ट्रेलर में जयदीप अहलावत कई दमदार डायलॉग है, जैसे जयदीप अहलावत कहते हैं- 'मैं आदमी नहीं, शनि हूं। जिस पर टेढ़ी नजर पड़ गई ना, समझो उसका खराब टाइम शुरू।' ट्रेलर के एक सीन में जयदीप अजय देवगन से कहते हैं- 'इंसान जुबान से तो झूठ बोल लेता है, पर दिल सब सच बता देता है।', 'ट्रेलर के आखिरी में जयदीप अजय से कहते हैं तेरी इस पूरी क्रिमिनल फैमिली को सबके सामने ऐसे घसीटकर ले जाऊंगा ना कि कोई दोबारा ऐसा करने की सोचे भी, तो उसकी रूह कांप उठे।'


'खेल दिमाग का नहीं, नसीब का बन गया'

Drishyam 3 में विजय (अजय देवगन) को कई तरह की चुनौतीयां मिलने वाली है। ट्रेलर के एक सीन में अजय कहते हैं: 'इस बार खतरा कब, कैसे और कहां से आएगा, बताना मुश्किल है।' 'अब यह खेल दिमाग का नहीं, नसीब का बन चुका है।' विजय: 'फैमिली के लिए आदमी खुद को हर कदम पर तोड़ता है, लेकिन सिर्फ तब तक, जब तक कोई उसकी फैमिली को धमकी न दे।' विजय जयदीप से कहता है: वरना घसीटना तो दूर की बात, तुम सोच भी नहीं सकते कि वह साधारण आदमी क्या से क्या बन सकता है।' 'फिर चाहे सामने कोई भी खड़ा हो, किसी भी वर्दी में खड़ हो।'

'जस्टिस नहीं, बदला चाहिए।'

रजत: 'हमें अपने बेटे के लिए जस्टिस चाहिए।' इस पर तब्बू कहती है: 'मुझे जस्टिस नहीं, बदला चाहिए।' ट्रेलर के एक सीन में प्रकाश राज कहते हैं: 'अनपढ़ है, बेवकूफ नहीं। और इसे हल्के में लेने की गलती मैं नहीं करूंगा।' 'वन केस, वन फैमिली, वन पर्सन।' फिल्म के ट्रेलर में ऐसे कई दमदार डायलॉग है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। वहीं ट्रेलर देखने के बाद फैंस को इस फिल्म का बेसब्री से इंतजार है।

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