Ghooskhor Pandat Controversy: उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक आने वाली नेटफ्लिक्स फिल्म 'घूसखोर पंडित' आपत्तिजनक शीर्षक की आलोचना करने वाले प्रमुख राजनीतिक हस्तियों में से एक हैं। पाठक का दावा है कि यह विवाद दिखाता है कि कैसे पूरी फिल्म इंडस्ट्री भारतीय संस्कृति, विशेषकर ब्राह्मण समुदाय को निशाना बना रहा है।
शुक्रवार को प्रेस से बात करते हुए उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ने कहा, “फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोग जिस तरह से भारतीय संस्कृति, और विशेष रूप से ब्राह्मण समुदाय को निशाना बना रहे हैं, वह बेहद निंदनीय है। ऐसी फिल्में जनता के सामने रिलीज नहीं होनी चाहिए और मैं इनकी कड़ी निंदा करता हूं।” पाठक ने आगे कहा कि राष्ट्र के विकास में योगदान देने वालों के लिए ऐसे शब्दों का प्रयोग नहीं किया जाना चाहिए।
फिल्म के टाइटल में पंडित के साथ 'घूसखोर' शब्द के प्रयोग को लेकर विवाद खड़ा हो गया। शुक्रवार को लखनऊ के हजरतगंज पुलिस स्टेशन में फिल्म के निर्माता नीरज पांडे और उनकी प्रोडक्शन टीम के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। एफडब्ल्यूआईसीई जैसे फिल्म संगठनों ने भी फिल्म के टाइटल और निर्माताओं की आलोचना करते हुए कहा है कि इससे विभाजन पैदा हो रहा है।
नीरज पांडे ने एक बयान जारी कर कहा कि फिल्म किसी भी समुदाय के खिलाफ नहीं है और शीर्षक मुख्य किरदार को दिया गया एक बोलचाल का उपनाम है, न कि कोई अपमानजनक शब्द। फिल्म निर्माता ने कहा कि फिल्म से संबंधित सभी प्रचार सामग्री हटाई जा रही है और उन्होंने शीर्षक से हुई परेशानी को स्वीकार किया।
फिल्म के मुख्य अभिनेता मनोज बाजपेयी ने भी फिल्म से जुड़े विवाद पर अपनी चुप्पी तोड़ी। अपने आधिकारिक X हैंडल पर बाजपेयी ने कहा कि वे उन लोगों की भावनाओं का सम्मान करते हैं जिन्हें आहत महसूस हुआ और इस बात पर जोर दिया कि श्रृंखला का उद्देश्य किसी भी समुदाय को निशाना बनाना नहीं था। उन्होंने लिखा, "जब आप जिस चीज का हिस्सा होते हैं, उससे कुछ लोगों को ठेस पहुंचती है, तो यह आपको रुककर सुनने पर मजबूर कर देता है।"