मात्र चार साल की उम्र से कैमरे के सामने चमकने वाली अभिनेत्री अश्नूर कौर ने बॉडी इमेज, आत्मविश्वास और सार्वजनिक निगाहों में पलने की चुनौतियों पर दिल खोलकर बात की है। सोहा अली खान के पॉडकास्ट 'ऑल अबाउट हर' में शलिनी राठौड़ के साथ हुई गहरी चर्चा में अश्नूर ने बताया कि चमक-दमक के पीछे कितना मानसिक संघर्ष छिपा है। उन्होंने बिग बॉस 19 के 'टॉक्सिक' माहौल का भी जिक्र किया, जहां कॉन्फिडेंट दिखने वाले लोग भी असुरक्षित महसूस करते हैं।
अश्नूर ने कहा, "ज्यादातर चीजें दिमाग से शुरू होती हैं। ट्रॉमा, तनाव और डर शरीर में जमा हो जाते हैं। जब तक खुद से नरमी और शांति न की जाए, ये दूर नहीं होते।" उन्होंने स्वीकार किया कि खूबसूरत दिखने वाले लोग भी खुद को 'पर्याप्त नहीं' मानते। बिग बॉस हाउस में बॉडी शेमिंग का सामना करने वाली अश्नूर ने बताया कि सेट्स पर 15-16 साल की उम्र में उन्हें 'भारी' कहकर वजन घटाने की सलाह दी गई।
अश्नूर ने हर डाइट और फिटनेस ट्रेंड आजमाए- केटो, वॉटर डाइट, अनगिनत वर्कआउट्स और ट्रेनर्स। "मैंने सब कुछ ट्राई किया। खुद को टेप कर वॉटर डाइट पर रही, लेकिन कुछ काम नहीं आया। सेट पर भूख से चक्कर आने लगे।" हार्मोनल इम्बैलेंस की वजह से वजन नहीं घटा, लेकिन उन्होंने समझा कि असली कॉन्फिडेंस बाहर से नहीं, अंदर से आता है। सोहा अली खान ने इंस्टाग्राम पर शेयर करते हुए लिखा, "बॉडी इमेज, कॉन्फिडेंस और खुद को दूसरों की नजर से देखने पर गहन बातचीत। अश्नूर कौर और शालिनी राठौड़ ने आत्म-प्रेम और मौजूदगी पर रोशनी डाली।"
इस बातचीत में सोहा अली खान ने भी अशनूर की ईमानदारी की सराहना की और कहा कि ऐसे अनुभव साझा करना कई युवाओं को प्रेरित कर सकता है। अशनूर ने आगे बताया कि उन्होंने सोशल मीडिया पर Gentle On Me नामक पहल शुरू की है, जहां लोग मानसिक शांति और आत्म-देखभाल से जुड़ी टिप्स पा सकते हैं। यह प्लेटफॉर्म उनके प्रशंसकों के लिए एक “सेफ स्पेस” है, जहाँ वे बिना किसी तुलना के खुद को स्वीकार कर सकते हैं।
बचपन से 'झांसी की रानी' जैसे शोज में नजर आईं अश्नूर ने तीन साल का ब्रेक लिया, ताकि चाइल्ड आर्टिस्ट की इमेज से बाहर आएं। बिग बॉस में तन्या मित्तल और नीलम गिरी की बॉडी शेमिंग पर सलमान खान ने फटकार लगाई। अश्नूर कहती हैं, "सुंदरता किसी वजन या माप से नहीं जुड़नी चाहिए। हर कोई अपनी कमियों समेत खुद से प्यार करने लायक है।" यह खुलासा युवतियों के लिए प्रेरणा है, जो इंडस्ट्री के अवास्तविक स्टैंडर्ड्स से जूझ रही हैं।