आदित्य धर की ‘धुरंधर’ और ‘धुरंधर 2’ ने बॉलीवुड में एक्शन और जासूसी थ्रिलर जॉनर की नई परिभाषा गढ़ दी है। ये फिल्में न केवल मनोरंजन के मामले में दर्शकों को बांधे रखती हैं, बल्कि पुराने रिकॉर्ड भी तोड़ते हुए बॉक्स ऑफिस पर नई मिसाल कायम कर रही हैं। तेज गति, जबरदस्त स्टंट्स और रोमांचक कहानी के कारण ये फिल्में हर उम्र के दर्शकों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई हैं। फिल्मों में दिखाया गया जासूसी और स्पाई तंत्र इतना सटीक और आकर्षक है कि दर्शक स्क्रीन से अपनी नजरें नहीं हटा पा रहे हैं। इन फिल्मों की सफलता ने बॉलीवुड में एक्शन और थ्रिलर जॉनर को नया बेंचमार्क दे दिया है।
वहीं, इस फ्रेंचाइजी की धमाकेदार कामयाबी ने ‘राजी’ जैसी पुरानी फिल्मों के लेखक हरिंदर सिक्का को भी अपनी पिछली गलतियों पर सोचने पर मजबूर कर दिया है, खासकर फिल्म के निर्देशन और मुख्य किरदारों के मसले पर।
इन फिल्मों की सफलता ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया है। तेज गति, जबरदस्त एक्शन और रोमांच से भरपूर ये फिल्में अब बॉलीवुड में स्पाई और थ्रिलर जॉनर का नया बेंचमार्क बन गई हैं।
इस सफलता को देखते हुए ‘राजी’ के लेखक हरिंदर सिक्का अब अपनी पुरानी फिल्म के कुछ फैसलों पर अफसोस जता रहे हैं। उन्हें लगता है कि उन्होंने अपनी किताब ‘कॉलिंग सेहमत’ पर आधारित फिल्म के लिए मेघना गुलजार पर भरोसा जताना उनकी सबसे बड़ी गलती थी।
हरिंदर सिक्का का कहना है कि फिल्म की दिशा और मुख्य किरदार की ताकत को सही रूप से परदे पर नहीं उतारा जा सका, और अब ‘धुरंधर’ की धमाकेदार सफलता उन्हें यह एहसास करा रही है कि कुछ फैसले बदलने की जरूरत थी।