कभी-कभी हकीकत इतनी गहरी होती है कि वह किसी भी फिल्मी कहानी से ज्यादा दिल को छू जाती है। हरीश राणा की कहानी भी ऐसी ही एक सच्चाई है, जिसमें दर्द, इंतजार और उम्मीद के कई रंग एक साथ नजर आते हैं। पिछले 13 सालों से एक परिवार जिस हालात से गुजर रहा है, वह अपने आप में बेहद भावुक और सोचने पर मजबूर करने वाली कहानी बन चुकी है। अब यही कहानी धीरे-धीरे बड़े पर्दे की ओर बढ़ रही है। मुंबई के एक राइटर-प्रोड्यूसर ने इस पर फिल्म बनाने में दिलचस्पी दिखाई है और इसके लिए शुरुआती बातचीत भी शुरू हो चुकी है।
