हरियाणा राज्य महिला आयोग ने रैपर बादशाह को विवादास्पद हरियाणवी गाना 'टटीरी' को लेकर 13 मार्च को अपने सामने पेश होने का नोटिस जारी किया है। आयोग की अध्यक्ष रेनू भाटिया ने कहा है कि अगर बादशाह हाजिर नहीं हुए, तो हम उन्हें काम करने नहीं देंगे। यह विवाद तब भड़का जब गाने के बोल और वीडियो को अश्लील, महिलाओं के खिलाफ और नाबालिगों को गलत संदेश देने वाला बताया गया। सोशल मीडिया पर वायरल होते ही FIR दर्ज हो गई।
1 मार्च 2026 को रिलीज हुए 'टटीरी' में बादशाह ने हरियाणवी फोक बीट्स के साथ रैप किया है। गाने के बोल जैसे "आया बादशाह डोली चढ़ाने, इन सबकी घोड़ी बनाने" को आपत्तिजनक माना गया। वीडियो में स्कूल यूनिफॉर्म पहने लड़कियां हरियाणा रोडवेज बस में डांस करती नजर आईं, जो जेस्चर और डांस मूव्स से समाज को नेगेटिव मैसेज दे रहे थे। पानीपत की नारी तू नारायणी उत्थान समिति की अध्यक्ष सविता आर्या और रोहतक के वकील राजनारायण पांघल ने शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने कहा कि यह महिलाओं का अपमान करता है और बच्चों पर बुरा असर डालता है।
कानूनी कार्रवाई और बादशाह का माफी पत्र
पंचकुला के साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में IPC की धारा 296 (सार्वजनिक शालीनता भंग करने) और महिलाओं के अश्लील चित्रण निषेध अधिनियम 1986 की धारा 3 व 4 के तहत FIR दर्ज हुई। आयोग ने स्वत: संज्ञान लेते हुए बादशाह को समन भेजा। रेनू भाटिया ने सेंसर बोर्ड पर सवाल उठाए कि आखिर यह गाना पास कैसे हो गया। बादशाह ने इंस्टाग्राम पर वीडियो डालकर माफी मांगी, "मेरा इरादा किसी के भावनाओं को ठेस पहुंचाने का नहीं था। गाना सभी प्लेटफॉर्म्स से हटा लिया गया है।" फिर भी पुलिस लुकआउट नोटिस की तैयारी में है।
समाज और म्यूजिक इंडस्ट्री पर असर
यह विवाद रैप और डेसि हिप-हॉप गानों पर सेंसरशिप की बहस छेड़ रहा है। क्रिटिक्स कहते हैं कि डबल मीनिंग लिरिक्स युवाओं को गुमराह करते हैं। बादशाह के फैंस इसे कल्चरल एक्सप्रेशन बता रहे, लेकिन महिलाओं के संगठन सख्ती चाहते हैं। आयोग 13 मार्च को बादशाह से पूछताछ करेगा। यह केस म्यूजिक आर्टिस्ट्स के लिए चेतावनी है कि लोकप्रियता के चक्कर में सीमाएं न लांघें।