भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में हमेशा से यह सवाल उठा है कि क्या फिल्मों की कहानियां पूरी तरह से मौलिक होनी चाहिए या फिर दूसरों की कहानियों से प्रेरणा लेना जायज़ है। कई बार बड़े-बड़े फिल्ममेकर अपनी फिल्मों में दूसरों की कहानियों या सीन से आइडियाज लेते हैं, जिसे वे ‘प्रेरणा’ कहते हैं। लेकिन कभी-कभी यह मामला सीमा पार कर जाता है और फिल्म सीधे कॉपी करने का आरोप झेलने लगती है। पहले ये बहस ज्यादा लोगों तक नहीं पहुंच पाती थी, लेकिन आज सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जमाने में कोई भी समानता तुरंत उजागर हो जाती है।
