बॉलीवुड में जब भी किसी लीक से हटकर या समाज में 'अछूते' माने जाने वाले विषयों (Taboo Subjects) पर फिल्म बनाने की बात आती है, तो सबसे पहला नाम आयुष्मान खुराना का ही दिमाग में आता है। स्पर्म डोनेशन से लेकर इरेक्टाइल डिस्फंक्शन जैसे संवेदनशील मुद्दों को बड़े पर्दे पर बेहद सहजता से उतारने वाले आयुष्मान अब अपनी इस इमेज को बदलने की तैयारी में हैं। हाल ही में एक इंटरव्यू में उन्होंने खुलकर बात की कि आखिर क्यों अब वह इन विषयों से दूरी बना रहे हैं और उनका अगला कदम क्या होने वाला है।
महामारी के बाद बदला सिनेमा का मिजाज
आयुष्मान खुराना ने बातचीत के दौरान हंसते हुए कहा, "मुझे लगता है कि मैंने अब तक लगभग सभी टैबू टॉपिक्स खत्म कर दिए हैं। मैंने ऐसी बहुत सी फिल्मों में काम किया है, लेकिन अब महसूस होता है कि ये विषय कहीं न कहीं पारिवारिक दर्शकों (Family Audience) को सिनेमाघरों तक आने से रोकते हैं।"
उन्होंने स्वीकार किया कि कोविड-19 महामारी से पहले का दौर बिल्कुल अलग था। उस समय इस तरह के अनोखे विषयों पर आधारित उनकी फिल्मों को बॉक्स ऑफिस पर दर्शकों का भरपूर प्यार और ज़बरदस्त प्रतिक्रिया मिलती थी। हालांकि, महामारी के बाद सिनेमा देखने का नज़रिया पूरी तरह बदल चुका है। आयुष्मान ने बताया कि महामारी के बाद आई उनकी फिल्में जैसे 'चंडीगढ़ करे आशिकी' और 'डॉक्टर जी' बॉक्स ऑफिस पर वैसा कमाल नहीं दिखा पाईं, जैसी उन्हें उम्मीद थी।
OTT का बढ़ता प्रभाव और 'रिलेटेबिलिटी' पर फोकस
मनोरंजन की दुनिया में OTT प्लेटफॉर्म्स के आने के बाद दर्शकों की पसंद में बड़ा बदलाव आया है। आयुष्मान का मानना है कि अब लोग ऐसे विषयों को ज्यादा पसंद कर रहे हैं, जिन्हें पूरा परिवार एक साथ बैठकर बिना किसी झिझक के देख सके।
उन्होंने साफ किया कि अब उनका मकसद समाज की रूढ़ियों को तोड़ने से ज्यादा ऐसी कहानियां चुनना है, जो आम लोगों की जिंदगी से गहराई से जुड़ी हों (Relatable Subjects)। वह अब ऐसी फिल्मों पर ध्यान केंद्रित करना चाहते हैं जो सिनेमाघरों में बड़े पैमाने पर दर्शकों को आकर्षित कर सकें और जिन्हें हर वर्ग का व्यक्ति पसंद करे।
आने वाले प्रोजेक्ट्स और वर्तमान स्थिति
आयुष्मान खुराना की हालिया रिलीज 'पति पत्नी और वो दो' शुक्रवार को सिनेमाघरों में दस्तक दे चुकी है, जिसे बॉक्स ऑफिस पर पहले दिन औसत शुरुआत मिली है। इसके अलावा, उनके पास पाइपलाइन में 'ये प्रेम मोल लिया' और 'उड़ता तीर' जैसी फिल्में हैं, जिनसे दर्शकों को काफी उम्मीदें हैं।