बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता गोविंदा और उनकी पत्नी सुनीता अहूजा के वैवाहिक जीवन में इन दिनों तनाव की खबरें सुर्खियां बटोर रही हैं। सुनीता ने हाल ही में अपने यूट्यूब चैनल पर खुलकर बात की और बताया कि अगर गोविंदा अपना व्यवहार सुधार लें, तो वे उन्हें माफ कर सकती हैं। उन्होंने भावुक अंदाज में कहा कि यह उनका बचपन का प्यार है, लेकिन अब उम्र के इस पड़ाव पर उन्हें पति का साथ और प्यार चाहिए।
सुनीता ने अपने व्लॉग में साफ शब्दों में कहा, "कभी-कभी ऐसा हो जाता है। अगर वो सुधर जाएं और हमारे समझौते के मुताबिक रहें, तो मैं उन्हें माफ कर दूंगी। मुझे खबरों में ये सब सुनना अच्छा नहीं लगता।" उन्होंने अपनी मौजूदा स्थिति पर भी रोशनी डाली। मेनोपॉज के दौर से गुजर रही सुनीता ने बताया कि इस समय हर औरत को पति और बच्चों का सहारा चाहिए। उनका मन अस्थिर रहता है, तनाव नहीं चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि उम्र बढ़ने पर पत्नी और बच्चे ही सबसे करीब होते हैं।
यह पहली बार नहीं है जब सुनीता ने गोविंदा पर बेवफाई के आरोप लगाए हैं। पिछले साल दिसंबर में उन्होंने मीडिया को बताया था कि गोविंदा किसी नई लड़की के साथ अफेयर में हैं और उन्हें ब्लैकमेल किया जा रहा है। 2025 को उन्होंने अपने जीवन का सबसे बुरा साल करार दिया। सुनीता ने यह भी खुलासा किया कि जब वे गोविंदा से बात करती हैं, तो वो हंसकर टाल देते हैं। उनका जवाब समझ ही नहीं आता। इन आरोपों पर गोविंदा ने भी हाल ही में ANI को दिए इंटरव्यू में सफाई दी। उन्होंने कहा, "मुझे हमेशा से आरोप लगते रहे हैं। जो मुझ पर आरोप लगा रही है, वो मेरा बचपन का प्यार है। प्यार का मामला कभी सही नहीं चला। अब जो प्यार हो रहा है, वो कुछ लोगों के हिसाब से बुढ़ापे का है।"
गोविंदा और सुनीता की प्रेम कहानी 1987 में शादी के साथ शुरू हुई थी। 30 साल से ज़्यादा का उनका साथ बॉलीवुड में मिसाल था। लेकिन हाल के घटनाक्रमों ने फैंस को हैरान कर दिया है। सुनीता की यह अपील परिवार के भविष्य को लेकर उम्मीद जगाती है। क्या गोविंदा बदलाव लाएंगे? यह तो वक़्त ही बताएगा। फिलहाल, यह खबर बॉलीवुड गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई है।
सुनिता ने यह भी बताया कि जब वह गविंदा से सवाल करती हैं तो वह अक्सर हंसकर बात टाल देते हैं। “उनका जवाब हमें समझ ही नहीं आता,” उन्होंने कहा। इसके बावजूद सुनिता का मानना है कि उम्र बढ़ने के साथ आखिरकार पत्नी और बच्चे ही साथ खड़े रहते हैं।
यह बयान सुनिता के दिल की गहराई और रिश्ते की जटिलता को उजागर करता है। एक ओर वह अपने पति से नाराज़ हैं, वहीं दूसरी ओर उनके प्रति बचपन का प्यार और उम्मीद अब भी बाकी है। सुनिता का दर्द और उनकी भावनाएं उन तमाम महिलाओं की कहानी हैं जो जीवन के इस दौर में सहारे और समझ की तलाश करती हैं।