Janhvi Kapoor: जाह्नवी कपूर ने बांग्लादेश में दीपू चंद्र दास की हत्या पर उठाई आवाज, यूजर्स ने की एक्ट्रेस की तारीफ

Janhvi Kapoor: एक्ट्रेस जाह्नवी कपूर ने बांग्लादेश के मयमनसिंह में 27 वर्षीय हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की हत्या की कड़ी निंदा करते हुए इसे "नरसंहार" कहा है।

अपडेटेड Dec 25, 2025 पर 2:40 PM
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जाह्नवी कपूर ने बांग्लादेश में दीपू चंद्र दास की हत्या पर उठाई आवाज

Janhvi Kapoor: एक्ट्रेस जाह्नवी कपूर राजनीति से लेकर सोशल लाइफ तक हर मुद्दे पर खुलकर अपनी बात सामने रखती है। एक्ट्रेस की ये बात लोगों को काफी पसंद आती है। वह अपने फैंस और लोगों के सामने सच्चाई से पेश आने में कभी कतराती नहीं हैं और न ही अपनी बात रखने में घबराती हैं। अब हाल में ही जब पूरा बॉलीवुड बांग्लादेश में हो रही हिंदूओं की लिंचिंग पर चुप्पी साधे हैं, तब एक्ट्रेस दीपूचंद्र का हत्या की खुलकर निंदा की है।

जाह्नवी ने लिखा- गुरुवार को जाह्नवी ने इंस्टाग्राम स्टोरीज पर इस घटना पर प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने "दीपू चंद्र दास" टाइटल के साथ एक नोट पोस्ट किया है। “बांग्लादेश में जो हो रहा है वह बर्बरता है। यह नरसंहार है और यह कोई अलग-थलग घटना नहीं है। अगर आपको इस अमानवीय सार्वजनिक लिंचिंग के बारे में नहीं पता, तो इसके बारे में पढ़ें, वीडियो देखें, सवाल पूछें। अगर इन सबके बावजूद आपको गुस्सा नहीं आता, तो यही पाखंड हमें देखते ही देखते तबाह कर देगा।”

होमबाउंड की अभिनेत्री ने आगे कहा, हम दुनिया के दूसरे छोर पर हो रही घटनाओं पर रोते रहेंगे, जबकि हमारे अपने भाई-बहन जलाकर मार दिए जा रहे हैं। किसी भी रूप में मौजूद उग्रवाद की निंदा और विरोध करना जरूरी है, इससे पहले कि हम अपनी मानवता को भूल जाएं।


जैसे ही यह पोस्ट रेडिट समेत विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सामने आई, कई सोशल मीडिया यूजर्स ने अभिनेत्री के फैसले की सराहना की और निडरता से अपने विचार व्यक्त करने के लिए उनकी प्रशंसा की। एक यूजर ने लिखा, “दीपू चंद्र दास की बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या और बांग्लादेश में हिंदुओं के क्रूर नरसंहार की निंदा करते हुए, जबकि बाकी बॉलीवुड अपनी कीमती मुस्लिम बाजार की कमाई खोने, बहिष्कार होने या अनिवार्य फिलिस्तीन पोस्ट न करके अपनी 'प्रगतिशील' छवि खराब होने के डर से चुप है, जाह्नवी का प्रदर्शन यह साबित करता है कि उनमें हमारे घर के पास ही इस्लामी चरमपंथ की निंदा करने का वास्तविक साहस है, इसमें कोई दिखावटी पाखंड नहीं है।”

एक यूजर ने लिखा, “जाह्नवी को सलाम!” वहीं दूसरे ने लिखा, “हो सकता है कि मैं जाह्नवी को एक अभिनेत्री के रूप में उतना पसंद न करूं, लेकिन एक बात से मैं सहमत हूं कि वह अपने आसपास हो रही घटनाओं के बारे में बहुत जागरूक हैं और उनके बारे में बात करने का साहस रखती हैं। न सिर्फ इस मामले में, बल्कि कई अन्य मामलों में भी उन्होंने बहुत समझदारी से बात की है। अन्य नेपो एक्ट्रेस की तुलना में वह वास्तव में बहुत अच्छी तरह से बोलती हैं। पता नहीं आप इसे पीआर मानें या कुछ और, लेकिन मुझे उनके इंटरव्यू में बोलने का तरीका बहुत पसंद है। काश, वह अपनी मां की इच्छा के अनुसार अभिनय के अलावा कुछ और कर पातीं।”

पीटीआई समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, गुरुवार रात मयमनसिंह के भालुका में एक हिंदू कपड़ा कारखाने में काम करने वाले दीपू चंद्र दास को कथित ईशनिंदा के आरोप में भीड़ ने पीट-पीटकर जला दिया। बताया जाता है कि उनके शरीर को एक पेड़ से बांधकर जला दिया गया था। एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, 25 वर्षीय दीपू मयमनसिंह के स्क्वायर मास्टरबारी इलाके में स्थित पायनियर निट कंपोजिट फैक्ट्री में कार्यरत थे।

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