फिल्म-सितंबर 21
फिल्म-सितंबर 21
कलाकार- प्रियंका उपेंद्र, प्रवीन सिंह सिसोदिया, ज़रीना वहाब, अमित बहल, रिकी रुद्र
डायरेक्टर-Karen Kshiti Suvarna
रेटिंग-3
September 21 Movie Review: 'एक इंसान की यादों का खो जाने का असर पूरे परिवार पर पड़ता है। ‘September 21’ इसी दर्द और इमोशनल स्ट्रगल को बेहद सादगी और गहराई के साथ दर्शकों के सामने ला रही है। Karen Kshiti Suvarna ने इस फिल्म को बहुत सादगीभरे अंदाज़ में पेश किया है, जहां हर सीन धीरे-धीरे दिल में उतरता है। अल्जाइमर जैसे संवेदनशील विषय पर बनी यह फिल्म सिर्फ बीमारी की कहानी नहीं कहती, बल्कि रिश्तों के टूटने और उन्हें संभालने की कोशिशों को भी बेहद खूबसूरती से दिखाती है।
‘September 21’ की कहानी
फिल्म एक ऐसे परिवार के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसकी जिंदगी धीरे-धीरे बदलने लगती है जब यादें धुंधली पड़ने लगती हैं। हर किरदार अपने तरीके से इस मुश्किल दौर का सामना करता है। कहानी बहुत सरल तरीके से आगे बढ़ती है, लेकिन उसकी इमोशनल ताकत दर्शकों को लगातार बांधे रखती है। फिल्म की सबसे खास बात यह है कि यह बिना बड़े ड्रामे से भरे के भी गहरा असर छोड़ती है।
अभिनय
प्रियंका उपेंद्र ने बेहद संतुलित और प्रभावशाली अभिनय किया है। उन्होंने अपने किरदार की थकान, दर्द और मजबूती को बहुत स्वाभाविक ढंग से निभाया है। प्रवीन सिंह सिसोदिया का अभिनय भी काफी सच्चा लगता है और उनकी इमोशनल जर्नी दर्शकों को जोड़कर रखती है। ज़रीना वहाब अपने अनुभव से फिल्म में गरिमा जोड़ती हैं, जबकि अमित बहल और रिकी रुद्र अपने किरदारों में पूरी ईमानदारी नजर आते हैं।
निर्देशन
Karen Kshiti Suvarna का निर्देशन फिल्म की सबसे मजबूत कड़ी है। उन्होंने कहानी को बेहद संयम और संवेदनशीलता के साथ प्रस्तुत किया है। फिल्म कहीं भी ज़रूरत से ज्यादा भावुक होने की कोशिश नहीं करती। छोटे-छोटे पल, खामोशियां और किरदारों की भावनाएं मिलकर फिल्म को वास्तविक बनाते हैं। यही सादगी फिल्म को खास बनाती है।
संगीत और तकनीक
फिल्म का background score बहुत लाइट और प्रभावी है, जो कहानी के भावनात्मक पक्ष को मजबूती देता है। Cinematography काफी खूबसूरत है और कई सीन लंबे समय तक याद रहते हैं। Editing बेहतर हो सकती थी क्योंकि कुछ हिस्सों में फिल्म की गति थोड़ी धीमी महसूस होती है, लेकिन कहानी का असर इसे संभाल लेता है।
क्यों देखें?
अगर आप ऐसी फिल्में पसंद करते हैं जो रिश्तों की गहराई, भावनाओं और जिंदगी की सच्चाइयों को ईमानदारी से दिखाती हैं, तो ‘September 21’ जरूर देखनी चाहिए। यह फिल्म मनोरंजन से ज्यादा एक एहसास बनकर सामने आती है।
वर्डिक्ट
‘September 21’ एक संवेदनशील और दिल को छू लेने वाली फिल्म है, जो अपने शानदार अभिनय और सधे हुए निर्देशन की वजह से अलग पहचान बनाती है। धीमी रफ्तार के बावजूद फिल्म का इमोशनल असर लंबे समय तक बना रहता है।
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