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Krishnamay: कृष्ण भक्ति के रंग में रंगने आ रही है नई डॉक्यूमेंट्री सीरीज़ ‘कृष्णमय’, देवऋषि कर रहे हैं इसका निर्देशन

Krishnamay: भगवान श्री कृष्ण के जीवन और उनके व्यापक सांस्कृतिक प्रभाव पर केंद्रित डॉक्युमेंट्री सीरीज ‘कृष्णमय’ जल्द ही दर्शकों के लिए रिलीज की जाएगी। इसकी शूटिंग शुरू हो चुकी है। देवऋषि इसका निर्देशन कर रहे हैं।

Moneycontrol Hindi Newsअपडेटेड Mar 20, 2026 पर 10:48 AM
Krishnamay: कृष्ण भक्ति के रंग में रंगने आ रही है नई डॉक्यूमेंट्री सीरीज़ ‘कृष्णमय’, देवऋषि कर रहे हैं इसका निर्देशन
कृष्ण भक्ति के रंग में रंगने आ रही है नई डॉक्यूमेंट्री सीरीज़ ‘कृष्णमय’

Krishnamay: भारतीय सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत पर सर्च कर काम करने वाली और सही जानकारी दर्शकों तक पहुंचाने वाली संस्था सनातन विजडम एक बार फिर चर्चा में छाई हुई है। इस बार वजह है भगवान श्री कृष्ण के जीवन, उनके पथ और उनके व्यापक सांस्कृतिक प्रभाव पर केंद्रित डॉक्युमेंट्री सीरीज ‘कृष्णमय’। इसकी शूटिंग शुरू हो चुकी है। देवऋषि इसका निर्देशन कर रहे हैं।

‘कृष्णमय’ को समझने के लिए पहले ‘सदानीरा’ को जानना जरूरी है। यह भारत की नदियों पर चल रही एक लंबी सर्च-आधारित डॉक्युमेंट्री प्रोजेक्ट है, जिस पर काम चल रहा है। इस प्रोजेक्ट में देश की तमाम प्रमुख नदियों को उनके भौगोलिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संदर्भों में दर्ज किया जा रहा है। देवऋषि की टीम गंगा के उद्गम देवप्रयाग से यह जर्नी शुरू कर चुकी है और अब तक काशी तक पहुंची है। यह सफर अभी बहुत लंबा है।

इसी ‘सदानीरा’ के अंतर्गत एक श्री राम विशेषांक भी अलग से तैयार किया जा रहा है, जिसमें भगवान राम और भारत की नदियों के संबंध को विशेष रूप से दिखाया जाएगा। यह विशेषांक 26 मार्च को रामनवमी के अवसर पर दर्शकों के सामने आने की उम्मीद है।

सदानीरा और राम विशेषांक के समानांतर देवऋषि की लीड में सनातन विजडम के अंतर्गत श्री कृष्ण पथेय पर भी काम चल रहा है और उसी के आधार पर ‘कृष्णमय’ बनाई जा रही है। मथुरा और वृंदावन में शूटिंग पूरी हो चुकी है। श्री कृष्ण की जन्मभूमि और उनकी बाललीलाओं की भूमि को कैमरे में समेट लिया गया है। अब टीम उज्जैन के जनापाव पहुंची है जहां भगवान कृष्ण ने महर्षि सांदीपनि के सान्निध्य में शिक्षा ली थी। इसके बाद शूटिंग अमझेरा में होगी जो रुक्मिणी हरण की ऐतिहासिक स्मृतियों को सहेजे हुए है। यात्रा का अंतिम पड़ाव होगी द्वारका, भगवान कृष्ण की वह नगरी जहां उन्होंने राजधर्म की नींव रखी।

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