Dhurandhar 2 Song: 'ओए ओए' गाने पर कानूनी जंग खत्म, दिल्ली हाई कोर्ट ने 'धुरंधर 2' की ओटीटी रिलीज को दी हरी झंडी

Dhurandhar 2 Song: दिल्ली हाई कोर्ट ने 'धुरंधर 2' फिल्म को ओटीटी पर रिलीज करने की मंजूरी दे दी है, बशर्ते इसके मेकर्स 'ओए ओए' गाने के विवाद के बदले 50 लाख रुपये जमा करें। कोर्ट ने माना कि फिल्म पहले ही सिनेमाघरों में चल चुकी है, इसलिए अब इसके डिजिटल रिलीज को रोकना निर्माताओं के लिए भारी आर्थिक नुकसान का कारण होगा।

अपडेटेड May 15, 2026 पर 10:22 PM
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सिनेमा और संगीत का रिश्ता चोली-दामन का होता है, लेकिन कभी-कभी यही संगीत कानूनी गलियारों में लंबी खींचतान की वजह बन जाता है। हाल ही में फिल्म 'धुरंधर 2' के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। फिल्म के एक गाने 'रंग दे लाल' (जो कि 1989 की ब्लॉकबस्टर फिल्म 'त्रिदेव' के मशहूर गाने 'ओए ओए - तिरछी टोपीवाले' का रीमिक्स है) को लेकर विवाद इस कदर बढ़ा कि मामला दिल्ली हाई कोर्ट तक पहुँच गया। हालांकि, अब फिल्म के मेकर्स के लिए राहत की खबर आई है।

क्या था पूरा विवाद?

पूरा मामला कॉपीराइट के उल्लंघन से जुड़ा था। 1989 में आई फिल्म 'त्रिदेव' के निर्माता, त्रिमूर्ति फिल्म्स, ने दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर कर फिल्म 'धुरंधर 2' की ओटीटी रिलीज पर रोक लगाने की मांग की थी। उनका आरोप था कि फिल्म में उनके गाने 'तिरछी टोपीवाले' के बैकग्राउंड स्कोर और धुन का इस्तेमाल बिना अनुमति के किया गया है। दूसरी ओर, टी-सीरीज (सुपर कैसेट्स) का दावा था कि उनके पास इस गाने के अधिकार हैं और वे पहले भी इसका इस्तेमाल अन्य फिल्मों में कर चुके हैं।


कोर्ट का व्यवहारिक फैसला

न्यायमूर्ति तुषार राव गेडेला ने इस मामले की सुनवाई करते हुए एक बेहद व्यवहारिक रुख अपनाया। कोर्ट ने गौर किया कि यह फिल्म पहले ही सिनेमाघरों में इसी गाने के साथ रिलीज हो चुकी है। ऐसे में ओटीटी प्लेटफॉर्म पर इसके रिलीज को रोकना एक "असंगत स्थिति" पैदा कर देगा।

अदालत ने कहा कि फिल्म बनाने में निर्माताओं का काफी पैसा, समय और मेहनत लगी है। महज एक गाने के विवाद के कारण पूरी फिल्म के भविष्य को अधर में नहीं लटकाया जा सकता। कोर्ट ने तंज कसते हुए यह भी कहा कि जब वादी (त्रिमूर्ति फिल्म्स) अपनी "गहरी नींद" से जागकर अचानक कानूनी कार्रवाई की मांग करता है, तो सिर्फ उसके कहने पर निर्माताओं को भारी वित्तीय नुकसान नहीं पहुँचाया जा सकता।

समाधान का रास्ता

कानूनी पेचीदगियों को सुलझाते हुए कोर्ट ने बीच का रास्ता निकाला:

* 50 लाख रुपये की सुरक्षा राशि: कोर्ट ने टी-सीरीज को आदेश दिया कि वे चार सप्ताह के भीतर 50 लाख रुपये की राशि अदालत में जमा करें।

* क्षतिपूर्ति का विकल्प: यदि भविष्य में यह साबित होता है कि अधिकारों का उल्लंघन हुआ है, तो इस राशि का उपयोग हर्जाने के तौर पर किया जा सकेगा।

* ओटीटी रिलीज का रास्ता साफ: इस आदेश के साथ ही अब फिल्म बिना किसी रुकावट के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर स्ट्रीम हो सकेगी।

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