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Ghooskhor Pandat: दिल्ली हाई कोर्ट पहुंचा नेटफ्लिक्स फिल्म 'घुसखोर पंडित' का विवाद, बोले-'यह ब्राह्मण समुदाय अपमान '

Ghooskhor Pandat: मनोज बाजपेयी स्टारर नेटफ्लिक्स फिल्म 'घूसखोर पंडित' की रिलीज पर रोक लगाने के लिए दिल्ली उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की गई है। फिल्म टाइटल के कारण विवादों में घिर गई है।

Moneycontrol Hindi Newsअपडेटेड Feb 05, 2026 पर 4:15 PM
Ghooskhor Pandat: दिल्ली हाई कोर्ट पहुंचा नेटफ्लिक्स फिल्म 'घुसखोर पंडित' का विवाद, बोले-'यह ब्राह्मण समुदाय अपमान '
दिल्ली हाई कोर्ट पहुंचा नेटफ्लिक्स फिल्म 'घुसखोर पंडित' का विवाद

Ghooskhor Pandat: नेटफ्लिक्स की आगामी फिल्म 'घुसखोर पंडित' के ऐलान के महज दो दिन बाद ही फिल्म विवादों में घिर गई है। दिल्ली उच्च न्यायालय में इसकी रिलीज पर रोक लगाने के लिए एक याचिका दायर की गई है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि फिल्म का टाइटल ब्राह्मण समुदाय को बदनाम करता है और आपत्तिजनक है।

महेंद्र चतुर्वेदी द्वारा अधिवक्ता विनीत जिंदल के माध्यम से दायर याचिका में फिल्म की स्ट्रीमिंग पर रोक लगाने के लिए अधिकारियों को निर्देश देने हेतु आदेश जारी करने की मांग की गई है। घूसखोर पंडित में मनोज बाजपेयी ने अजय दीक्षित नाम के एक भ्रष्ट पुलिस अधिकारी की भूमिका निभाई है। नेटफ्लिक्स ने मंगलवार को मुंबई में आयोजित अपने नेक्स्ट ऑन नेटफ्लिक्स 2026 कार्यक्रम के दौरान इस फिल्म का ऐलान किया। इसके बाद फिल्म का पहला टीज़र सोशल मीडिया और यूट्यूब पर शेयर किया गया।

याचिकाकर्ता का दावा है कि वे फिल्म से आहत हैं, उनका कहना है कि 'पंडित' शब्द को रिश्वतखोरी से जोड़ना ब्राह्मण समुदाय की गरिमा और प्रतिष्ठा के साथ-साथ उनके स्वयं के पेशे को भी नुकसान पहुंचाता है। इस याचिका में नेटफ्लिक्स इंडिया द्वारा इस शीर्षक से फिल्म के ऐलान और प्रचार पर आपत्ति जताई गई है, साथ ही यह भी कहा गया है कि भारतीय समाज और धार्मिक परंपराओं में यह शब्द ऐतिहासिक रूप से विद्वत्ता, नैतिक आचरण, आध्यात्मिक मार्गदर्शन और नैतिक अधिकार का प्रतीक है।

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