Prakash Raj: प्रकाश राज ने नफरत फैलाने वालों को दिया करारा जवाब, नास्तिक होने के बावजूद मां का ईसाई रीति-रिवाज से किया अंतिम संस्कार

Prakash Raj: अभिनेता प्रकाश राज ने अपनी मां के ईसाई रीति-रिवाज से हुए अंतिम संस्कार पर सवाल उठाने वाले ट्रोल्स को 'नफरत फैलाने वाला' बताते हुए करारा जवाब दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे भले ही नास्तिक हैं, लेकिन अपनी मां की आस्था का सम्मान करना उनका बुनियादी कर्तव्य और शिष्टाचार है।

अपडेटेड Apr 02, 2026 पर 5:19 PM
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मशहूर अभिनेता प्रकाश राज अपनी बेबाक राय और स्पष्टवादिता के लिए जाने जाते हैं। हाल ही में उन्होंने अपनी मां, सुवर्णलता, को खो दिया। लेकिन दुख की इस घड़ी में भी कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने उन्हें उनके विश्वास और निजी जीवन को लेकर निशाना बनाना शुरू कर दिया। प्रकाश राज ने अब उन ट्रोल्स को आड़े हाथों लिया है जिन्होंने उनकी मां के अंतिम संस्कार के तरीके पर सवाल उठाए थे।

क्या है पूरा मामला?

प्रकाश राज की माता सुवर्णलता का 86 वर्ष की आयु में उम्र संबंधी बीमारियों के कारण निधन हो गया था। मंगलवार को बेंगलुरु में उनका अंतिम संस्कार ईसाई रीति-रिवाजों के अनुसार किया गया, क्योंकि वह ईसाई धर्म में विश्वास रखती थीं। इसके तुरंत बाद, सोशल मीडिया पर एक वर्ग ने प्रकाश राज को ट्रोल करना शुरू कर दिया। ट्रोल्स का तर्क था कि चूंकि प्रकाश राज खुद को 'नास्तिक' (Atheist) कहते हैं, तो उन्होंने अपनी मां का अंतिम संस्कार धार्मिक पद्धति से क्यों किया?

प्रकाश राज का तीखा पलटवार


एक यूजर ने प्रकाश राज का पुराना इंटरव्यू शेयर करते हुए लिखा कि "वे खुद को नास्तिक कहते हैं लेकिन मां के लिए ईसाई परंपराएं निभा रहे हैं।" इस पर प्रकाश राज ने कड़ा जवाब देते हुए लिखा: "हां, मैं भगवान में विश्वास नहीं रखता... लेकिन मेरी मां अपने भगवान में विश्वास करती थीं। मैं कौन होता हूं उन्हें उनके विश्वास के अनुसार दफन होने के अधिकार से वंचित करने वाला? यह वह बुनियादी सम्मान है जो हम एक-दूसरे को देते हैं। क्या तुम नफरत फैलाने वाले राक्षस इसे समझ पाओगे?"

विश्वास और सम्मान का संतुलन

प्रकाश राज ने पहले भी अपने इंटरव्यूज में साफ किया है कि उनके घर में अलग-अलग विचारधाराओं का सम्मान किया जाता है। उनकी मां ईसाई थीं और उनकी पत्नी, कोरियोग्राफर पोनी वर्मा, हिंदू धर्म का पालन करती हैं। प्रकाश राज का कहना है कि वे खुद भले ही किसी भगवान को नहीं मानते, लेकिन वे अपनी पत्नी के साथ हवन में बैठते हैं और मां के कहने पर चर्च भी जाते हैं। उनके लिए मानवता और आपसी सम्मान किसी भी विचारधारा से ऊपर है।

प्रोफेशनल फ्रंट और आने वाली फिल्में

निजी जीवन में इस कठिन समय के बावजूद, प्रकाश राज अपने काम को लेकर प्रतिबद्ध हैं। उन्हें आखिरी बार फिल्म 'तेरे इश्क में' देखा गया था, जिसमें उनके साथ धनुष और कृति सेनन थे। आने वाले समय में वे विजय की फिल्म जन नायकन के अलावा 'G2', 'डकैत' और 'वाराणसी' जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स में नज़र आएंगे। यह घटना दर्शाती है कि कैसे सोशल मीडिया के दौर में संवेदनाओं पर वैचारिक मतभेद हावी होने लगे हैं, लेकिन प्रकाश राज के जवाब ने एक बार फिर 'व्यक्तिगत स्वतंत्रता' और 'पारिवारिक सम्मान' की अहमियत को रेखांकित किया है।

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