भारतीय सिनेमा की सबसे प्रतीक्षित फिल्मों में से एक, नितेश तिवारी की 'रामायण' अपनी कास्टिंग को लेकर लगातार चर्चा में बनी रहती है। फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम की भूमिका में हैं, वहीं दक्षिण भारतीय फिल्मों की स्टार साई पल्लवी माता सीता का किरदार निभा रही हैं। हालांकि, हाल ही में रिलीज हुई साई पल्लवी की फिल्म 'एक दिन' की असफलता के बाद, रामायण के निर्माताओं ने एक बड़ा और कड़ा फैसला लेने का मन बनाया है।
'एक दिन' की असफलता और हिंदी उच्चारण पर विवाद
हाल ही में जुनैद खान के साथ रिलीज हुई फिल्म 'एक दिन बॉक्स ऑफिस पर कोई खास कमाल नहीं दिखा पाई। फिल्म की असफलता से इतर, सोशल मीडिया पर साई पल्लवी के हिंदी बोलने के तरीके (डायलॉग डिलीवरी) को लेकर काफी आलोचना हुई। प्रशंसकों और नेटिजन्स का मानना है कि उनकी हिंदी में दक्षिण भारतीय प्रभाव (Accent) बहुत ज्यादा है, जो माता सीता जैसे पवित्र और गरिमामयी किरदार के लिए सही नहीं लग रहा है।
सोशल मीडिया पर यूजर्स का कहना है कि जब फिल्म का स्तर इतना भव्य है, तो भाषा की शुद्धता से समझौता नहीं किया जाना चाहिए। एक यूजर ने लिखा, "साई पल्लवी एक बेहतरीन अभिनेत्री हैं, लेकिन सीता माता के किरदार के लिए हिंदी का शुद्ध और स्पष्ट होना अनिवार्य है।"
ताजा रिपोर्ट्स के अनुसार, रामायण के निर्माता अब इस बात पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं कि साई पल्लवी की आवाज़ को किसी अन्य प्रोफेशनल डबिंग आर्टिस्ट से डब कराया जाए। ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि फिल्म की भाषा और संवाद सुनने में पूरी तरह से 'न्यूट्रल' और प्रभावी लगें। मेकर्स चाहते हैं कि दर्शक जब फिल्म देखें, तो उनका ध्यान भाषा की कमी पर न जाए, बल्कि वे किरदार की गहराई को महसूस कर सकें।
क्या साई पल्लवी ही थीं पहली पसंद?
यह कम ही लोग जानते हैं कि साई पल्लवी से पहले सीता के रोल के लिए आलिया भट्ट को फाइनल किया गया था। लेकिन डेट्स की कमी के कारण आलिया को इस प्रोजेक्ट से पीछे हटना पड़ा, जिसके बाद यह रोल साई पल्लवी की झोली में आया। अब जबकि डबिंग की खबरें आ रही हैं, तो फिल्म की कास्टिंग को लेकर एक बार फिर बहस छिड़ गई है।
हालांकि, डबिंग को लेकर अभी तक मेकर्स की तरफ से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन यह साफ है कि फिल्म की टीम इस ड्रीम प्रोजेक्ट को 'परफेक्ट' बनाने के लिए किसी भी पहलू को नजरअंदाज नहीं करना चाहती।