Raj Kundra: राज कुंद्रा ने बिटकॉइन घोटाले में राहत मिलने के बाद ‘सत्यमेव जयते’ कहा, बोले- मीडिया ने बढ़ा-चढ़ाकर...

Raj Kundra: एक विशेष अदालत ने शुक्रवार को शिल्पा शेट्टी के पति, व्यवसायी राज कुंद्रा को बिटकॉइन निवेश घोटाले के एक कथित मामले में जमानत दे दी है।

अपडेटेड Feb 21, 2026 पर 9:37 AM
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राज कुंद्रा ने बिटकॉइन घोटाले में राहत मिलने के बाद ‘सत्यमेव जयते’ कहा

Raj Kundra: शुक्रवार को एक विशेष अदालत ने शिल्पा शेट्टी के पति और व्यवसायी राज कुंद्रा को बिटकॉइन निवेश घोटाले के एक कथित मामले में जमानत दे दी। धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत विशेष अदालत ने उन्हें गेनबिटकॉइन से जुड़े धन शोधन मामले में पेश होने के बाद जमानत दी। बाद में उन्होंने प्रेस से बात करते हुए कहा, 'सत्यमेव जयते'।

मुंबई की विशेष पीएमएलए अदालत ने शुक्रवार को राज को जमानत दे दी, जब वह प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा दर्ज एक मामले में अदालत में पेश हुए। यह मामला 2018 के कथित बिटकॉइन घोटाले से जुड़ा है। राज के वकील प्रशांत पाटिल ने एएनआई को बताया कि ईडी ने उनके मुवक्किल के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया है, लेकिन इसका कोई ठोस आधार नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि राज 2018 से ईडी के साथ सहयोग कर रहे हैं। राज को 1 लाख रुपये की जमानत पर रिहा किया गया है और उन्हें विदेश यात्रा के लिए अदालत से अनुमति लेनी होगी।

जमानत मिलने के बाद राज ने प्रेस से बात की और खुद को निर्दोष बताते हुए जमानत के लिए ईश्वर का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा, “दुर्भाग्य से मीडिया ने इस मामले को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया है। ऐसा कुछ नहीं है। शायद आपको कानूनी शब्दावली की समझ नहीं है, इसलिए आप जो समझ पाते हैं वही रिपोर्ट करते हैं।” उन्होंने आगे कहा, “मैंने अब मुखौटा पहनना छोड़ दिया है क्योंकि मेरे सारे मुखौटे उतर चुके हैं। अब दूसरों के मुखौटे उतारने का समय आ गया है।” जमानत मिलने के बाद प्रेस से बात करते हुए उन्होंने मुस्कुराते हुए “सत्यमेव जयते” भी कहा।


राज के खिलाफ मामला पुणे के निगड़ी और नांदेड़ पुलिस स्टेशनों में 2018 में दर्ज एफआईआर से जुड़ा है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि निवेशकों को बिटकॉइन माइनिंग के नाम पर धोखा दिया गया। केंद्रीय जांच एजेंसी ने आरोप लगाया है कि राज को गेन बिटकॉइन पोंजी घोटाले के कथित मास्टरमाइंड अमित भारद्वाज से 285 बिटकॉइन मिले थे, जिसने कथित तौर पर यूक्रेन में एक बिटकॉइन फार्म स्थापित किया था।

आरोपपत्र में कहा गया है कि राज और अमित के पिता महेंद्र भारद्वाज के बीच 'टर्म शीट' नामक एक समझौता हुआ था, इसलिए राज का केवल मध्यस्थ होने का दावा मान्य नहीं है। एजेंसी ने यह भी आरोप लगाया है कि राज ने इन बिटकॉइन से जुड़े वॉलेट पते की जानकारी साझा नहीं की। इसमें यह भी दावा किया गया है कि उन्होंने और उनकी पत्नी शिल्पा ने बाजार दर से काफी कम दामों पर संपत्तियां खरीदीं ताकि पैसा वैध लगे। प्रवर्तन निदेशालय द्वारा दायर आरोपपत्र का संज्ञान लेते हुए अदालत ने जनवरी में राज को समन जारी किया था।

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