रणवीर सिंह एक बार फिर विवादों के केंद्र में हैं। उनकी 'कांतारा' फिल्म की मिमिक्री को लेकर कर्नाटक पुलिस ने एफआईआर दर्ज की थी, लेकिन कर्नाटक हाईकोर्ट ने उन्हें अंतरिम राहत दी थी। अब नई रिपोर्ट्स के अनुसार, इजरायल-ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने रणवीर के विदेश से लौटने को प्रभावित किया है, जिससे कोर्ट की अगली सुनवाई टाल दी गई। यह मामला बॉलीवुड स्टार की जिम्मेदारी और धार्मिक संवेदनशीलता के बीच संतुलन को उजागर कर रहा है।
मामला गोवा में हुए इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया (IFFI) के 56वें संस्करण से जुड़ा है। रणवीर ने मंच पर 'कांतारा चैप्टर 1' के लोकप्रिय किरदार 'दैव' की नकल की, जिसमें उन्होंने धार्मिक दृश्य को हास्यपूर्ण अंदाज में पेश किया। वीडियो वायरल होते ही कर्नाटक के लोगों ने इसे अपनी सांस्कृतिक परंपराओं का अपमान बताया। शिकायतकर्ताओं का कहना था कि रणवीर ने 'दैव' को 'भूत' कहकर भावनाओं को ठेस पहुंचाई। कार्यक्रम के दौरान ऋषभ शेट्टी ने उन्हें इशारा भी किया था, लेकिन परफॉर्मेंस जारी रही। इसके बाद बेंगलुरु पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के तहत FIR दर्ज कर ली।
कर्नाटक हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान जस्टिस एम नागप्रसन्ना ने रणवीर को कड़ी फटकार लगाई। कोर्ट ने कहा कि सुपरस्टार होने का मतलब कानून से ऊपर होना नहीं। लोकप्रियता के साथ जिम्मेदारी आती है, खासकर धार्मिक आस्थाओं पर। "प्रतिभा की आड़ में भावनाओं को चोट पहुंचाने का कोई अधिकार नहीं," जज ने जोर देकर कहा। रणवीर के वकील सज्जन पूवय्या ने सफाई दी कि इरादा किसी को आहत करने का नहीं था, बल्कि यह लापरवाही थी। उन्होंने माफी मांगने की पेशकश भी की। कोर्ट ने पुलिस को कार्रवाई रोकने के आदेश दिए और अगली सुनवाई 2 मार्च के लिए तय की थी।
लेकिन अब इजरायल-ईरान तनाव ने बाधा डाली। रणवीर मिडिल ईस्ट में प्रमोशनल काम के सिलसिले में थे, जहां उड़ानें प्रभावित हुईं। कोर्ट ने सुनवाई स्थगित कर दी। रणवीर ने सोशल मीडिया पर सफाई दी और कहा कि उनका उद्देश्य कभी अपमानित करना नहीं था। यह विवाद 'धुरंधर 2' की रिलीज से ठीक पहले आया है, जो 19 मार्च को 'टॉक्सिक' से टकराएगी। फैन्स उनका साथ दे रहे हैं, लेकिन कर्नाटक की सांस्कृतिक संवेदनशीलता ने सबको सोचने पर मजबूर कर दिया। रणवीर जैसे कलाकारों के लिए यह सबक है कि स्टेज पर हर हंसाना जोखिम भरा हो सकता है।