बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता अनिल कपूर ने हाल ही में News18 Rising Bharat Summit 2026 में अपनी नई फिल्म ‘सूबेदार’ और अभिनय प्रक्रिया को लेकर खुलकर बातचीत की। उन्होंने कहा कि वे हमेशा चाहते हैं कि निर्देशक उन्हें अपनी दृष्टि के अनुसार गढ़ें और ढालें। यही उनकी असली ताकत है और यही वजह है कि वे आज भी दर्शकों के बीच उतने ही प्रासंगिक हैं जितने अपने शुरुआती दिनों में थे।
‘सूबेदार’ एक एक्शन-ड्रामा फिल्म है, जिसका निर्देशन सुरेश त्रिवेणी कर रहे हैं। फिल्म में अनिल कपूर एक रिटायर्ड फौजी का किरदार निभा रहे हैं, जो सेना से बाहर आने के बाद आम जिंदगी और पारिवारिक संघर्षों से जूझता है। अनिल ने बताया कि यह कहानी भारत के दिल यानी उत्तर प्रदेश और मध्य भारत की पृष्ठभूमि पर आधारित है। फिल्म की शूटिंग आगरा और कानपुर जैसे शहरों में की गई है ताकि असली माहौल और भावनाओं को पर्दे पर उतारा जा सके।
अनिल ने 40 साल के सफर पर भी प्रकाश डाला। 'सिनेमा ने मुझे हमेशा चुनौती दी। हर रोल में कुछ नया सीखा। चाहे 'मिस्टर इंडिया' का अनुशासन हो या 'गुड्डी' का इमोशन। अब 'सूबेदार' में एक्शन-ड्रामा का मिश्रण है। राधिका मदान मेरी बेटी बनी हैं, मोना सिंह माफिया दीदी। सौरभ शुक्ला, आदित्य रावल जैसे कलाकारों ने जान फूंकी।' शूटिंग अक्टूबर 2024 में शुरू हुई, दिसंबर में पैक-अप। अनिल ने डबिंग भी पूरी कर ली।
अनिल कपूर ने कहा कि उनके लिए अभिनय का मतलब सिर्फ संवाद बोलना या कैमरे के सामने खड़ा होना नहीं है। वे चाहते हैं कि निर्देशक उन्हें पूरी तरह से अपनी सोच के अनुसार गढ़े। उन्होंने इसे एक मूर्तिकार और मिट्टी के रिश्ते से तुलना करते हुए कहा कि जैसे मूर्तिकार मिट्टी को आकार देता है, वैसे ही निर्देशक कलाकार को गढ़ता है।
फिल्म ‘सूबेदार’ में अनिल कपूर के साथ राधिका मदान, मोना सिंह, आदित्य रावल और सौरभ शुक्ला जैसे कलाकार भी नजर आएंगे। यह फिल्म 5 मार्च 2026 को अमेजन प्राइम वीडियो पर रिलीज होगी।
अनिल कपूर ने इस मौके पर अपने करियर की यात्रा पर भी बात की। उन्होंने कहा कि वे हमेशा नए किरदारों और चुनौतियों को अपनाने के लिए तैयार रहते हैं। यही वजह है कि वे आज भी दर्शकों को चौंकाने और प्रभावित करने में सक्षम हैं।
‘सूबेदार’ सिर्फ एक फिल्म नहीं बल्कि एक भावनात्मक सफर है, जिसमें एक सैनिक की गरिमा, संघर्ष और परिवार के प्रति जिम्मेदारी को दिखाया गया है। अनिल कपूर का यह बयान कि वे निर्देशक से खुद को गढ़वाना चाहते हैं, उनके अभिनय के प्रति समर्पण और विनम्रता को दर्शाता है।