Get App

सात पार्ट में सिल्वर स्क्रीन पर रिलीज होगी ‘श्रीमद्भागवतम्’, पहले पार्ट ‘विष्णुरत’ का पोस्टर किया गया रिलीज

सागर परिवार ने 1987 में ‘रामायण’ के जरिए भारतीय टेलीविजन पर एक ऐसा शो दिया था, जिसने सफलता के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए थे। अब उसी विरासत से भागवत महापुराण पर आधारित एक नई सिनेमाई प्रस्तुति बड़े पर्दे पर आ रही है।

Moneycontrol Hindi Newsअपडेटेड Sep 10, 2026 पर 11:49 AM
सात पार्ट में सिल्वर स्क्रीन पर रिलीज होगी ‘श्रीमद्भागवतम्’, पहले पार्ट ‘विष्णुरत’ का पोस्टर किया गया रिलीज
फिल्म का सह-निर्देशन आकाश सागर चोपड़ा और अमृत सागर चोपड़ा कर रहे हैं। दोनों स्वर्गीय फिल्मकार और निर्माता श्री रामानंद सागर के पौत्र हैं।

भारतीय टेलीविजन के इतिहास में ‘रामायण’ जैसी ऐतिहासिक प्रस्तुति देने वाले सागर परिवार की कहानी कहने की विरासत अब एक नए अध्याय की ओर बढ़ रही है। सागर पिक्चर्स एंटरटेनमेंट ने ‘श्रीमद्भागवतम् पार्ट I: विष्णुरत’ का पहला टीज़र पोस्टर जारी किया है। यह फिल्म सात भागों में तैयार की जा रही सिनेमाई गाथा ‘श्रीमद्भागवतम्’ का पहला अध्याय होगी और 2027 में दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज़ की जाएगी।

‘विष्णुरत’ का अर्थ है—‘विष्णु द्वारा संरक्षित’। यही भाव फिल्म की आध्यात्मिक और सिनेमाई यात्रा की बुनियाद भी बनता है। जारी किए गए पहले पोस्टर में फिल्म की दुनिया की शुरुआती झलक मिलती है। सागर परिवार ने 1987 में ‘रामायण’ के जरिए भारतीय टेलीविजन पर एक ऐसी प्रस्तुति दी थी, जिसने लोकप्रिय संस्कृति पर गहरी छाप छोड़ी। अब उसी विरासत से भागवत महापुराण पर आधारित एक नई सिनेमाई प्रस्तुति बड़े पर्दे पर आ रही है। भागवत महापुराण भारत के सबसे पूजनीय धर्मग्रंथों में से एक है और दुनियाभर में करोड़ों लोग इसे पढ़ते और श्रद्धा से देखते हैं। भगवान श्रीकृष्ण को केंद्र में रखते हुए भागवत महापुराण भक्ति, धर्म और मनुष्य तथा ईश्वर के शाश्वत संबंध की एक विराट आध्यात्मिक दुनिया प्रस्तुत करता है।

फिल्म का सह-निर्देशन आकाश सागर चोपड़ा और अमृत सागर चोपड़ा कर रहे हैं। दोनों स्वर्गीय फिल्मकार और निर्माता श्री रामानंद सागर के पौत्र हैं। आकाश सागर चोपड़ा सागर पिक्चर्स एंटरटेनमेंट के सीईओ हैं, जबकि अमृत सागर चोपड़ा कंपनी में सीनियर वाइस प्रेसिडेंट, कंटेंट हैं। अमृत सागर '1971 'जैसी चर्चित और राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता फिल्म के निर्देशक रहे हैं, जिसका संगीत आकाश सागर ने दिया था।

फिल्म के बारे में दोनों भाइयों ने कहा, “इस फिल्म के सह-निर्देशक होने के साथ-साथ हम दोनों भाई हैं और भागवत की कहानियां सुनते हुए ही बड़े हुए हैं। हमारा मानना है कि करोड़ों भारतीयों के लिए ये कथाएं केवल आध्यात्मिक ज्ञान नहीं, बल्कि हमारी सभ्यतागत स्मृति का हिस्सा हैं। हमारे दादाजी ने रामायण को पर्दे पर उतारा और वह एक ऐसा माध्यम बना, जिसके जरिए पूरी एक पीढ़ी ने इस महाकाव्य को अनुभव किया। लेकिन उन्होंने जो किया, उसे हम दोबारा नहीं बना सकते और न ही ऐसा करने की हमारी कोशिश है। हर पीढ़ी को अपनी सिनेमाई भाषा खुद खोजनी होती है, जो उसके समय के माध्यम और संभावनाओं के अनुरूप हो।”

सब समाचार

+ और भी पढ़ें