Cinema Ka Flashback: सरोज खान ने अपने दूसरे पति के लिए कबूला था इस्लाम, शादी से पहले रखी थी एक बड़ी शर्त

Cinema Ka Flashback: डांस गुरु कही जाने वाली सरोज खान भले ही आज हमारे बीच न हो, लेकिन उनकी यादें...उनके डांस मूव्स आज भी हमारे दिलों में बसे हुए हैं।

अपडेटेड May 01, 2026 पर 5:15 PM
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सरोज खान ने अपनी पहली शादी को लेकर कहा था कि उस समय मुझे पता ही नहीं था कि शादी का मतलब क्या होता है। एक दिन उन्होंने बस मेरे गले में एक काला धागा डाल दिया और मुझे लगा कि मेरी शादी हो गई है।

Cinema Ka Flashback: सरोज खान का निधन 3 जुलाई, 2020 को हुआ था। अपने पीछे वह एक ऐसी विरासत और एक ऐसी अमिट छाप छोड़ गईं, जो भारतीय सिनेमा की सबसे मशहूर कोरियोग्राफरों में से एक के तौर पर हमेशा याद रखी जाएगी। 'एक दो तीन'... 'डोला रे डोला' जैसे गानों के सिग्नेचर स्टेप्स के पीछे की इस माहिर कलाकार की ज़िंदगी हालांकि काफी उतार-चढ़ाव भरी रही है।

उनकी शादी महज़ 13 साल की कम उम्र में ही कर दी गई थी, लेकिन बाद में उन्हें पता चला कि उनकी शादी गैर-कानूनी थी। उन्हें अपनी उम्र से कहीं ज़्यादा जल्दी बड़ा होना पड़ा, और सबसे हैरानी की बात यह है कि फिल्मों में उनका शानदार करियर महज़ एक इत्तेफाक था।

सरोज खान ने सिर्फ 3 साल की उम्र में ही सिनेमा की चकाचौंध भरी दुनिया में कदम रख दिया था। उन्होंने बताया था, "मेरे पिता का निधन हो गया था और मुझे घर चलाना था। मैं एक ग्रुप डांसर बन गई। मैं पढ़ाई कर रही थी और डॉक्टर बनना चाहती थी, लेकिन भगवान की कुछ और ही योजनाएं थीं।"


लेकिन ज़िंदगी में अहम मोड़ तब आया, जब वह एक सेट पर डांस डायरेक्टर सोहनलाल से मिलीं। वहां सोहनलाल ने न सिर्फ उनके अपने डांस स्टेप्स पर, बल्कि हेलन के स्टेप्स पर भी गौर किया। जब उनसे पूरा डांस करने के लिए कहा गया, तो सरोज खान ने पूरे आत्मविश्वास के साथ ऐसा किया। इसी वजह से उन्हें सिर्फ 12 साल की उम्र में ही सोहनलाल की असिस्टेंट के तौर पर नौकरी मिल गई।

लेकिन बात इससे कहीं आगे बढ़ गई। सिर्फ 13 साल की उम्र में उन्होंने अपने से 30 साल बड़े सोहनलाल से शादी कर ली। बाद में उन्हें धोखा मिला, जब उन्हें पता चला कि यह शादी गैर-कानूनी थी और सोहनलाल पहले से ही शादीशुदा थे और उनके चार बच्चे भी थे। सरोज खान 14 साल की उम्र में ही गर्भवती हो गईं थीं।

उन्होंने BBC को बताया था, "उस समय मुझे पता ही नहीं था कि शादी का मतलब क्या होता है। एक दिन उन्होंने बस मेरे गले में एक काला धागा डाल दिया और मुझे लगा कि मेरी शादी हो गई है। लेकिन ज़िंदगी के कुछ और ही इरादे थे। 1975 में जब उनकी मुलाक़ात बिज़नेसमैन सरदार रोशन खान से हुई, तो उन्होंने सरोज को शादी का प्रस्ताव दिया। सरोज की बस एक ही शर्त थी कि रोशन उनके पहले पति से हुए बच्चों को अपना लें। सरोज खान, जो कि एक पंजाबी हिंदू थीं, उन्होंने रोशन के लिए इस्लाम अपना लिया, क्योंकि रोशन ने उनकी यह एक शर्त मान ली थी।

ऐसा लगता था कि यह मशहूर कोरियोग्राफ़र जहां भी जातीं, दिल टूटने का दर्द उनका पीछा नहीं छोड़ता। सरोज खान ने अपनी एक बच्ची को बचपन में ही खो दिया था। जन्म के आठ महीने के अंदर ही उस बच्ची की मौत हो गई थी। यह उनकी पहली शादी से हुई संतान थी, जो उन्होंने सोहनलाल से की थी।

संजय लीला भंसाली ने एक बार Quint को बताया था, "वह बहुत ज़्यादा दर्द में थीं, लेकिन वह ज़मीन पर लेटकर भी निर्देश देती थीं। उन्होंने 15 दिनों तक शूटिंग की। 'देवदास' रिलीज़ होने के बाद अस्पताल के बिस्तर से भी, सरोज का पहला सवाल यही था 'डोला रे डोला पर पैसे मिले या नहीं? यही उनका जुनून था।"

सरोज खान का निधन COVID महामारी की पहली लहर के दौरान हुआ था। उनके परिवार में उनके दूसरे पति, सरदार रोशन खान, पहले पति सोहनलाल से उनके बेटे हामिद खान और दूसरी शादी से उनकी बेटी सुकैना खान हैं। Times of India की एक रिपोर्ट के अनुसार, उनकी 42 वर्षीय बेटी कुकू का निधन 2011 में लिवर फेलियर, मल्टी-ऑर्गन फेलियर के कारण हो गया था।

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