Aaamir Khan: जब 'मिस्टर परफेक्शनिस्ट' को भी माननी पड़ी पिता की बात, आमिर खान ने बिना स्क्रिप्ट पढ़े साइन की थीं ये 2 फिल्में

Aaamir Khan: आमिर खा ने खुलासा किया है कि उन्होंने अपने करियर में केवल दो फिल्में, 'अव्वल नंबर' और 'तुम मेरे हो', बिना स्क्रिप्ट पढ़े साइन की थीं। उन्होंने बताया कि यह फैसला उन्होंने अपने पिता ताहिर हुसैन के सम्मान और उनके डर की वजह से लिया था, जिन्होंने आमिर की मर्जी के बिना ही उन्हें इन प्रोजेक्ट्स के लिए 'हां' कहने पर मजबूर कर दिया था।

अपडेटेड May 01, 2026 पर 9:10 PM
  • Follow Us On Google
  • Add as a Preferred Source on Google

बॉलीवुड में आमिर खान को उनकी बारीकियों और फिल्मों के चुनाव में उनकी 'परफेक्शनिस्ट' छवि के लिए जाना जाता है। वे किसी भी प्रोजेक्ट को तब तक साइन नहीं करते जब तक कि वह उसकी स्क्रिप्ट से पूरी तरह संतुष्ट न हों। लेकिन हाल ही में आमिर ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि उनके करियर में दो ऐसी फिल्में भी रही हैं, जिन्हें उन्होंने बिना स्क्रिप्ट पढ़े या बिना कहानी सुने ही सिर्फ अपने पिता के डर और सम्मान की वजह से साइन कर लिया था।

पिता का डर और देव आनंद का नाम

आमिर खान ने लोकप्रिय कॉमेडियन जाकिर खान के साथ बातचीत के दौरान अपने शुरुआती करियर के दिनों को याद किया। उन्होंने बताया कि फिल्म 'अव्वल नंबर' उनके करियर की उन दुर्लभ फिल्मों में से एक थी जिसके लिए उन्होंने कोई शर्त नहीं रखी। आमिर ने कहा, "मेरे पिता (ताहिर हुसैन) ने मुझे फोन किया और कहा कि देव आनंद साहब 'अव्वल नंबर' के लिए तुमसे मिलना चाहते हैं और मैंने तुम्हारी तरफ से फिल्म के लिए 'हां' कह दिया है।"

आमिर ने आगे बताया कि जब उन्होंने अपने पिता से कहा कि वे पहले स्क्रिप्ट सुनना चाहेंगे, तो उनके पिता ने उन्हें डांटते हुए कहा, "तुम ऐसा कुछ नहीं करोगे। तुम कहानी नहीं पूछोगे, बस जाओ और 'हां' कह दो।" आमिर ने हंसते हुए कबूल किया कि वे उस समय अपने पिता से बहुत डरते थे, इसलिए उन्होंने बिना कुछ पूछे फिल्म साइन कर ली।


तीन घंटे का लेक्चर और दूसरी फिल्म

आमिर के करियर की दूसरी ऐसी फिल्म थी 'तुम मेरे हो' , जिसे उनके पिता ताहिर हुसैन खुद बना रहे थे। आमिर ने जब इस फिल्म की कहानी जानने की कोशिश की, तो उनके पिता ने उन्हें लगभग तीन घंटे का लेक्चर दे दिया। उनके पिता का कहना था कि वे पिछले 30 सालों से फिल्में बना रहे हैं और अब उनका बेटा उनसे कहानी पूछ रहा है। आखिरकार, आमिर ने हार मान ली और कहा, "ठीक है, मुझे कहानी सुनने की जरूरत नहीं है, आप बस फिल्म बनाइए।"

रणबीर कपूर हैं 'अव्वल नंबर' के प्रशंसक

दिलचस्प बात यह है कि जहां आमिर खान खुद इन फिल्मों के परिणाम से बहुत खुश नहीं रहे हैं, वहीं बॉलीवुड अभिनेता रणबीर कपूर फिल्म 'अव्वल नंबर' के बहुत बड़े प्रशंसक हैं। आमिर ने बताया कि शुरुआत में उन्हें लगा कि रणबीर उनका मजाक उड़ा रहे हैं, लेकिन जब रणबीर ने फिल्म के हर सीन और डायलॉग को सुनाना शुरू किया, तो आमिर हैरान रह गए। रणबीर ने उन्हें बताया कि बचपन में यह उनकी पसंदीदा फिल्मों में से एक थी।

दिल की आवाज सुनते हैं आमिर

इन दो अपवादों को छोड़कर, आमिर खान ने हमेशा अपनी फिल्मों का चुनाव अपनी अंतरात्मा की आवाज पर किया है। उन्होंने 'तारे जमीं पर' का उदाहरण देते हुए बताया कि उस समय कई लोगों ने उन्हें यह फिल्म बनाने से मना किया था क्योंकि यह डिस्लेक्सिया जैसे गंभीर विषय पर थी। लेकिन आमिर को कहानी पर भरोसा था और फिल्म एक कल्ट क्लासिक साबित हुई।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।