बॉलीवुड के किंग शाहरुख खान ने हाल ही में अपने परिवार को लेकर दिल खोलकर बात की। एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि आर्यन, सुहाना और अबराम पर उन्हें बेहद गर्व है। दशकों की शोहरत के बावजूद परिवार ही उन्हें जमीनी हकीकत से जोड़े रखता है।
बॉलीवुड के किंग शाहरुख खान ने हाल ही में अपने परिवार को लेकर दिल खोलकर बात की। एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि आर्यन, सुहाना और अबराम पर उन्हें बेहद गर्व है। दशकों की शोहरत के बावजूद परिवार ही उन्हें जमीनी हकीकत से जोड़े रखता है।
शाहरुख ने कहा, 'मैं अपने बच्चों पर बहुत गर्व महसूस करता हूं। वे अपने तरीके से कलाकार बन रहे हैं और अपनी पहचान गढ़ रहे हैं।' उन्होंने कोविड-19 के दौरान लिया ब्रेक याद किया, जब 'जीरो' (2018) के बाद चार साल रुके। दुनिया भर के लोग परिवार के पास लौटे, तो वे भी बच्चों के साथ समय बिताने लगे। इससे उन्हें जीवन की असली कीमत समझ आई। उन्होंने जोर देकर कहा कि विरासत सिर्फ प्रोफेशनल सफलता से नहीं, बल्कि परिवार के साथ बिताए पलों से बनती है।
'मेरे बच्चे मेरे सबसे बड़े आलोचक हैं। परिवार मेरा मार्गदर्शक है, जो बिजी जिंदगी में भी याद दिलाता है कि असली चीजें क्या हैं।' शाहरुख ने बच्चों के साथ वॉइसओवर करने का जिक्र किया, जो उनके लिए खास अनुभव था। उन्होंने बताया कि उन्होंने बच्चों को काम की बातें सिखाईं, लेकिन उनकी सोच ने उन्हें नई चीजें सिखाईं। आत्मविश्वास से खुद को दिखाते बच्चों को देखना उन्हें खुशी देता है।
आर्यन खान ने पिछले साल 'द बैड्स ऑफ बॉलीवुड' से निर्देशन में डेब्यू किया। इसकी कहानी उन्होंने पिता शाहरुख के साथ मिलकर तैयार की। सुहाना खान जल्द ही पिता के साथ 'किंग' फिल्म में नजर आएंगी, जो इस क्रिसमस पर रिलीज होगी। इसमें एक्टिंग के अलावा डांस नंबर भी होगा। सबसे छोटे अबराम अभी स्कूल में पढ़ाई कर रहे हैं और परिवार का लाड़ला बने हुए हैं।
शाहरुख का यह इंटरव्यू फैन्स के बीच चर्चा का विषय बन गया। वे कहते हैं कि काम और परिवार को बैलेंस करने के लिए हर पल पूरी तरह मौजूद रहना जरूरी है। पिता के रूप में वे जुनून और सरल खुशियों को कभी अलग नहीं करते। शाहरुख का परिवार बॉलीवुड का सबसे लविंग फैमिली माना जाता है, जो हर मुश्किल में एक-दूसरे का सहारा बनता है।
आर्यन खान अब अपने करियर की शुरुआत कर चुके हैं, वहीं सुहाना खान ने हाल ही में *द आर्चीज़* से बॉलीवुड में कदम रखा है। अबराम अभी स्कूल में है, लेकिन शाहरुख अक्सर बताते हैं कि वह भी अपने पिता को लेकर बेहद ईमानदार राय देता है। शाहरुख ने कहा कि बच्चों की यह ईमानदारी उन्हें हर दिन इंसान और कलाकार दोनों रूपों में बेहतर बनाने का काम करती है।
उन्होंने यह भी साझा किया कि उनके पिता से मिली दो अहम सीख—ईमानदारी और मेहनत—वह अपने बच्चों को देना चाहते हैं। उनके मुताबिक, ये मूल्य पैसे या शोहरत से कहीं ज़्यादा अहम हैं।
शाहरुख की यह बातचीत दर्शाती है कि पर्दे पर चमकते सितारे के पीछे एक पिता भी है, जो अपने बच्चों की राय को सबसे ऊपर रखता है। यह कहानी उन सभी माता-पिता के लिए प्रेरणा है जो चाहते हैं कि उनके बच्चे न सिर्फ उनकी सफलता देखें बल्कि उनके मूल्यों को भी आगे बढ़ाएँ।
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