बॉलीवुड में कदम रखना हर स्टारकिड के लिए आसान नहीं होता। शनाया कपूर, जो लंबे समय से अपने डेब्यू का इंतजार कर रही थीं, हाल ही में अपनी पहली फिल्म ‘आंखों की गुस्ताखियां’ के साथ पर्दे पर आईं। लेकिन यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर उम्मीदों के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाई। जहां दर्शकों ने कहानी और प्रस्तुति को लेकर मिश्रित प्रतिक्रिया दी, वहीं शनाया ने इस असफलता को बेहद ईमानदारी से स्वीकार किया।
शनाया ने कहा कि “जो भी होता है, वह आपको सीख देता है। हां, जब फिल्म कामर्शियल काम नहीं करती तो थोड़ा दुख होता है, लेकिन यह सफर का हिस्सा है।” उनकी यह बात साफ करती है कि वह हार मानने वालों में से नहीं हैं।
फिल्म की नाकामी के बावजूद शनाया का आत्मविश्वास बरकरार है। उन्होंने बताया कि इस अनुभव ने उन्हें और मजबूत बनाया है। उनके मुताबिक, असफलता से डरने के बजाय उससे सीखना जरूरी है। यही वजह है कि वह अब अपने अगले प्रोजेक्ट्स को लेकर और भी सजग हैं।
शनाया कपूर, संजय कपूर और महीप कपूर की बेटी हैं। बचपन से ही ग्लैमर की दुनिया में रही हैं, लेकिन उन्होंने हमेशा यह माना है कि स्टारकिड होने से सिर्फ दरवाज़े खुलते हैं, असली पहचान मेहनत और टैलेंट से बनती है। यही वजह है कि वह अपनी पहली फिल्म की असफलता को करियर का अंत नहीं मानतीं, बल्कि इसे एक नई शुरुआत की तरह देख रही हैं।
बॉलीवुड में कई सितारे ऐसे रहे हैं जिनकी पहली फिल्म सफल नहीं रही, लेकिन बाद में उन्होंने अपनी पहचान बनाई। शनाया भी उसी राह पर चलने का इरादा रखती हैं। उनकी यह सोच और दृढ़ता बताती है कि वह लंबे सफर के लिए तैयार हैं।
कपूर परिवार से होने के बावजूद शनाया को ब्रेक मिलना आसान नहीं था'बेधड़क' और 'वृषभ' जैसी फिल्में रद्द हो गईं, जिससे पांच साल का तनाव बना रहा। उन्होंने कहा कि "मैंने गहरी सांस ली और आखिरकार बाहर निकाल दी गई।" उनका इंस्टा बायो अभी भी कहता है 'आंखों की गुस्ताखियां ZEE5 पर उपलब्ध'है।