दिल्ली हाईकोर्ट ने बॉलीवुड अभिनेत्री सोनाक्षी सिन्हा के पक्ष में एक अहम फैसला सुनाकर डिजिटल दौर में व्यक्तिगत अधिकारों को नई मजबूती दी है। अदालत ने स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म या एआई टूल के जरिए बिना अनुमति किसी सेलिब्रिटी के नाम, आवाज या चेहरे का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के साथ फर्जी और आपत्तिजनक कंटेंट का खतरा भी तेजी से बढ़ रहा है।
कोर्ट का यह रुख न सिर्फ सेलिब्रिटीज बल्कि आम लोगों के लिए भी एक मजबूत संदेश है कि उनकी पहचान और छवि का दुरुपयोग अब आसानी से नहीं किया जा सकेगा। इससे डिजिटल स्पेस में जिम्मेदारी और पारदर्शिता को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
एआई प्लेटफॉर्म्स पर सख्त रोक
न्यायमूर्ति Jyoti Singh की पीठ ने कई एआई प्लेटफॉर्म और वेबसाइट्स को निर्देश दिया है कि वे अभिनेत्री से जुड़े किसी भी कंटेंट का बिना इजाजत इस्तेमाल न करें। खासतौर पर उनके रूप, आवाज और पहचान से जुड़ी चीजों के दुरुपयोग पर रोक लगाई गई है।
एआई से बन रहीं आपत्तिजनक तस्वीरें
कोर्ट ने यह भी माना कि कुछ लोग एआई टूल्स का गलत इस्तेमाल कर सोनाक्षी की अश्लील और आपत्तिजनक तस्वीरें बना रहे हैं। ऐसे कंटेंट के कारण उनकी छवि को गंभीर नुकसान पहुंच रहा है, जिसे अदालत ने बेहद गंभीर मामला बताया।
कई कंपनियों के खिलाफ दायर हुई याचिका
यह आदेश उस याचिका के बाद आया, जिसमें सोनाक्षी सिन्हा ने कई एआई प्लेटफॉर्म्स और ई-कॉमर्स वेबसाइट्स के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। इन पर आरोप था कि वे उनकी पहचान का इस्तेमाल कर गलत तरीके से मुनाफा कमा रहे हैं।
36 घंटे में हटाने होंगे आपत्तिजनक लिंक
अदालत ने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि ऐसे सभी आपत्तिजनक यूआरएल को 36 घंटे के भीतर हटाया जाए। साथ ही यह भी चेतावनी दी कि भविष्य में इस तरह की गतिविधियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।