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सोनाक्षी सिन्हा केस में हाईकोर्ट सख्त, अश्लील AI कंटेंट हटाने का निर्देश

दिल्ली हाईकोर्ट ने सोनाक्षी सिन्हा के व्यक्तित्व अधिकारों की सुरक्षा करते हुए बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने उनके नाम, आवाज और एआई से बनाई गई आपत्तिजनक तस्वीरों के बिना अनुमति इस्तेमाल पर सख्त रोक लगा दी है, ताकि उनकी छवि और सम्मान को सुरक्षित रखा जा सके

MoneyControl Newsअपडेटेड Mar 24, 2026 पर 11:49 AM
सोनाक्षी सिन्हा केस में हाईकोर्ट सख्त, अश्लील AI कंटेंट हटाने का निर्देश
इन पर आरोप था कि वे उनकी पहचान का इस्तेमाल कर गलत तरीके से मुनाफा कमा रहे हैं।

दिल्ली हाईकोर्ट ने बॉलीवुड अभिनेत्री सोनाक्षी सिन्हा के पक्ष में एक अहम फैसला सुनाकर डिजिटल दौर में व्यक्तिगत अधिकारों को नई मजबूती दी है। अदालत ने स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म या एआई टूल के जरिए बिना अनुमति किसी सेलिब्रिटी के नाम, आवाज या चेहरे का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के साथ फर्जी और आपत्तिजनक कंटेंट का खतरा भी तेजी से बढ़ रहा है।

कोर्ट का यह रुख न सिर्फ सेलिब्रिटीज बल्कि आम लोगों के लिए भी एक मजबूत संदेश है कि उनकी पहचान और छवि का दुरुपयोग अब आसानी से नहीं किया जा सकेगा। इससे डिजिटल स्पेस में जिम्मेदारी और पारदर्शिता को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

एआई प्लेटफॉर्म्स पर सख्त रोक

न्यायमूर्ति Jyoti Singh की पीठ ने कई एआई प्लेटफॉर्म और वेबसाइट्स को निर्देश दिया है कि वे अभिनेत्री से जुड़े किसी भी कंटेंट का बिना इजाजत इस्तेमाल न करें। खासतौर पर उनके रूप, आवाज और पहचान से जुड़ी चीजों के दुरुपयोग पर रोक लगाई गई है।

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