'Swatantrya Veer Savarkar' के 2 साल हुए पूरे, जब Randeep Hooda ने खुद को झोंक दिया था आग में, पत्नी Lin Laishram ने बयां किया वो 'खौफनाक' दौर

Swatantrya Veer Savarkar Completes 2 Years: रणदीप हुड्डा की फिल्म 'स्वातंत्र्य वीर सावरकर' के 2 साल पूरे होने पर उनकी पत्नी लिन लैशराम ने अभिनेता के कड़े समर्पण की सराहना की है। उन्होंने बताया कि सावरकर का किरदार निभाने के लिए रणदीप ने न केवल अविश्वसनीय शारीरिक बदलाव किया, बल्कि यह उनके जीवन का अब तक का सबसे चुनौतीपूर्ण और दबावपूर्ण दौर था।

अपडेटेड Mar 22, 2026 पर 5:10 PM
Story continues below Advertisement

बॉलीवुड के सबसे समर्पित अभिनेताओं में शुमार रणदीप हुड्डा के करियर की सबसे महत्वाकांक्षी फिल्म 'स्वातंत्र्य वीर सावरकर' ने अपनी रिलीज के 2 साल

पूरे कर लिए हैं। साल 2024 में आई यह फिल्म न केवल एक बायोपिक थी, बल्कि रणदीप हुड्डा के लिए एक ऐसी अग्निपरीक्षा थी जिसने उनकी शारीरिक और मानसिक सीमाओं को पूरी तरह से निचोड़ दिया था। इस खास मौके पर रणदीप की पत्नी और अभिनेत्री लिन लैशराम ने उस कठिन दौर की यादें साझा की हैं, जिसे देखकर आज भी रोंगटे खड़े हो जाते हैं।

"तुम एक शेप-शिफ्टर हो"

फिल्म की दूसरी सालगिरह पर लिन लैशराम ने रणदीप की मेहनत को सलाम करते हुए एक दिल छू लेने वाली पोस्ट लिखी। उन्होंने रणदीप को 'शेप-शिफ्टर' (रूप बदलने वाला) बताते हुए कहा कि उन्होंने रणदीप को किरदारों के लिए खुद को बदलते हुए कई बार देखा है, लेकिन सावरकर बनने का सफर उनके जीवन का सबसे कठिन दौर था।


लिन ने लिखा, "मैंने तुम्हें पहले दिन से ही खुद को बदलते देखा है, लेकिन यह फिल्म तुम्हारे जीवन का सबसे चुनौतीपूर्ण हिस्सा रही। मुझे आज भी समझ नहीं आता कि तुमने अकेले इतना दबाव और इतनी बड़ी जिम्मेदारी कैसे संभाली। मुझे तुम पर गर्व है।"

फिल्म जिसने सीमाओं को चुनौती दी

रणदीप हुड्डा ने भी इस मौके पर इंस्टाग्राम पर एक भावुक वीडियो साझा किया। उन्होंने फिल्म के बिहाइंड-द-सीन्स (BTS) फुटेज दिखाते हुए स्वीकार किया कि सावरकर का किरदार निभाना और साथ ही फिल्म का निर्देशन करना उनके लिए किसी युद्ध से कम नहीं था।

रणदीप ने अपने पोस्ट में लिखा, "इसे जिया, इसके लिए लड़ा और इसे महसूस किया। एक ऐसी फिल्म के 2 साल जिसने मेरी सारी सीमाओं की परीक्षा ली। यह सफर मेरे दिल पर हमेशा के लिए अंकित हो गया है।"

सिर्फ अभिनय नहीं, निर्देशन में भी दिखाया दम

यह फिल्म इसलिए भी खास थी क्योंकि रणदीप हुड्डा ने इसमें केवल अभिनय ही नहीं किया, बल्कि निर्देशन की कमान भी संभाली थी। विनायक दामोदर सावरकर के बचपन से लेकर उनके जीवन के महत्वपूर्ण पड़ावों को पर्दे पर उतारने के लिए रणदीप ने अपना वजन काफी कम किया था, जिसकी तस्वीरें उस समय खूब वायरल हुई थीं।

फिल्म में रणदीप के अलावा अंकिता लोखंडे (यमुनाबाई सावरकर), अमित सियाल, और राजेश खेड़ा (महात्मा गांधी) जैसे कलाकारों ने मुख्य भूमिकाएं निभाई थीं। जी स्टूडियोज और रणदीप हुड्डा फिल्म्स के बैनर तले बनी इस फिल्म को आलोचकों ने रणदीप के करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन माना था।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।