फिल्म और टीवी इंडस्ट्री के सीनियर एक्टर धीरज कुमार का आज 79 साल की उम्र में निधन हो गया। उन्हें एक्यूट निमोनिया हो गया था और वह कल रात से ही वेंटिलेटर सपोर्ट पर थे। खबरों की मानें तो तबीयत बिगड़ने से पहले वो इस्कॉन मंदिर पहुंचे थे, जहां उन्होंने दर्शन किए। इसके बाद ही उनकी सेहत अचानक बिगड़ गई और उन्हें अंधेरी के कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल में आनन-फानन में भर्ती कराया गया। यहां डॉक्टरों ने उनकी हालत नाजुक बताई थी। परिवार ने उन्हें अस्पताल में भर्ती करने की जानकारी दी थी और उनके जल्द ठीक होने की कामना करते हुए मीडिया से उनकी निजता बनाए रखने को कहा था।
धीरज कुमार के परिवार में उनकी पत्नी जूबी कोचर और दो बच्चे बेटा सिद्धांत और बेटी सिमरन हैं। धीरज कुमार की मौत की खबर से फिल्म इंडस्ट्री में उनके चाहने वालों को धक्का लगा है। वह 1965 में एक टैलेंट शो के जरिए फिल्म इंडस्ट्री में आए थे। उस शो में उनके साथ सुभाष घई और राजेश खन्ना भी थे। राजेश खन्ना उस शो के विनर बने थे। एक्टिंग की दुनिया में धीरज कुमार बहुत सफल नहीं हो सके और उन्होंने 1986 में अपनी प्रोडक्शन कंपनी ‘क्रिएटिव आई’ शुरू की, जिसके वो चेयरमैन और एमडी थे।
धीरज कुमार ने 1970-80 के दौर में फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखा था। हिंदी फिल्मों के अलावा उन्होंने कुछ पंजीबी फिल्मों में भी काम किया। इसके अलावा उन्होंन दूरदर्शन के लिए कई सीरियल भी प्रोड्यूस किए थे। इनमें सबसे पॉपुलर सीरियल 'घर संसार' और 'ओम नम: शिवाय' रहे थे। इनके अलावा उन्होंने 'श्री गणेश', 'मिली', 'हमारी बहू तुलसी', 'मायका', 'जय मां वैष्णो', 'ये प्यार न होगा कम', 'गणेश लीला', 'नीम नीम शहद शहद', 'इश्क सुभान अल्लाह' जैसे तमाम टीवी शोज को डायरेक्ट और प्रोड्यूस किया है। 2003 में आए पहले शो 'घर संसार' में उन्होंने खुद अमर का रोल किया था। धीरज कुमार ने 1996 में दूरदर्शन पर आए 'ओम नम: शिवाय' को बनाने के लिए 9 साल रिसर्च की थी।
1 अक्टूबर 1944 को जन्मे धीरज कुमार ने धीरज कुमार ने 'बहारों फूल बरसाओ', 'हीरा पन्ना', 'रोटी कपड़ा और मकान', 'शिरडी के साई बाबा', 'मांग भरो सजना', 'पुराना मंदिर', 'कर्म युद्ध', 'क्रांति', 'बेपनाह' जैसी हिंदी फिल्मों में काम किया। उन्होंने लगभग 21 पंजाबी फिल्मों में भी एक्टिंग की है जिनमें ‘सज्जन सिंह रंगरूट’, ‘इक संधू हुंदा सी’, ‘वॉर्निंग 2’ और ‘माझैल’ का नाम शामिल है।