स्टार प्लस का लोकप्रिय शो 'अनुपमा' अपनी उतार-चढ़ाव भरी कहानी से दर्शकों को बांधे रखता है। इन दिनों शो में अनुपमा, दिग्विजय के साथ मिलकर 'सावी कैफे' को फिर से खड़ा करने की जद्दोजहद में जुटी थी। लेकिन 19 अप्रैल के एपिसोड में अनुपमा की उम्मीदों पर पानी फिरने वाला है। अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर जहां अनुपमा नई शुरुआत का सपना देख रही थी, वहीं एक बड़ी साजिश और गलतफहमी की वजह से कैफे पर ताला लग जाएगा।
कुणाल की साजिश और कैफे का अंत
कहानी में ट्विस्ट तब आता है जब कुणाल की गहरी साजिश सामने आती है। अनुपमा ने जिस कैफे को अपनी मेहनत और यादों से सजाया था, वह अचानक कानूनी या तकनीकी पचड़ों में फंस जाता है। कैफे बंद होने की खबर सुनते ही दिग्विजय का संयम जवाब दे जाता है। दिग्विजय, जो पहले से ही अपनी बेटी सावी को खोने के गम और अकेलेपन से जूझ रहा था, इस असफलता का सारा ठीकरा अनुपमा के सिर फोड़ देता है।
दिग्विजय का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच जाता है। उसे लगता है कि अनुपमा की मौजूदगी ने उसकी शांति छीन ली है। गुस्से में वह अनुपमा को खरी-खोटी सुनाते हुए कहता है कि उसने उसकी बेटी की यादों (कैफे) को बर्बाद कर दिया। बात इतनी बढ़ जाती है कि दिग्विजय बिना कुछ सोचे-समझे अनुपमा को अपना बोरिया-बिस्तर समेटकर तुरंत घर से निकल जाने का अल्टीमेटम दे देता है।
टूट गई अनुपमा, लेकिन बाकी है उम्मीद
हमेशा दूसरों का घर बसाने वाली अनुपमा एक बार फिर बेघर होने की कगार पर है। दिग्विजय के इस व्यवहार से अनुपमा पूरी तरह टूट जाती है। उसे समझ नहीं आता कि वह जया और बाकी लोगों को लेकर अब कहां जाएगी। हालांकि, इस मुश्किल घड़ी में एक और नया मोड़ आने वाला है। सूत्रों की मानें तो जिस कुणाल ने अनुपमा को गिराने की साजिश रची थी, वही आगे चलकर अनजाने में या किसी पछतावे के कारण उसकी कहानी में नया मोड़ लेकर आएगा।
क्या अनुपमा एक बार फिर शून्य से अपनी शुरुआत कर पाएगी? क्या दिग्विजय को अपनी गलती का अहसास होगा? अनुपमा का यह संघर्ष यह भी दिखाता है कि वह हार नहीं मानने वाली। दर्शकों के लिए यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या वह सावी विला को छोड़ अहमदाबाद वापस लौट जाएगी या फिर अपनी पहचान की नई लड़ाई यहीं से शुरू करेगी।