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‘The Kerala Story 2’: मेकर्स ने टीजर हटाने की खबरों को बताया झूठा, कहा– “कोई कोर्ट ऑर्डर नहीं, सब अफवाहें हैं”

‘The Kerala Story 2’: बॉलीवुड की चर्चित फिल्म The Kerala Story का सीक्वल The Kerala Story 2 – Goes Beyond रिलीज से पहले ही विवादों में घिर गया है। हाल ही में सोशल मीडिया और कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि फिल्म का टीजर कोर्ट के आदेश के बाद हटा दिया गया है। लेकिन फिल्म के निर्माताओं ने इन खबरों को पूरी तरह खारिज कर दिया है।

Shradha Tulsyanअपडेटेड Feb 25, 2026 पर 8:31 AM
‘The Kerala Story 2’: मेकर्स ने टीजर हटाने की खबरों को बताया झूठा, कहा– “कोई कोर्ट ऑर्डर नहीं, सब अफवाहें हैं”

फिल्म ‘द केरल स्टोरी 2 – गोस बियॉन्ड’ को लेकर सोशल मीडिया पर फैली अफवाहों पर निर्माताओं ने जोरदार जवाब दिया है। सनशाइन पिक्चर्स ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि केरल हाईकोर्ट के किसी आदेश से टीजर या ट्रेलर हटाने का कोई निर्देश नहीं आया है। सभी प्रचार सामग्री अभी भी आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स पर उपलब्ध है।

विवाद तब भड़का जब केरल हाईकोर्ट में फिल्म के खिलाफ याचिका दायर हुई। याचिकाकर्ता ने दावा किया कि फिल्म का टाइटल ‘केरल स्टोरी’ कई राज्यों से जुड़ी घटनाओं को सिर्फ केरल पर थोपता है, जो राज्य की छवि बिगाड़ सकता है। टीजर में दिखाए गए प्रेम जाल, जबरन धर्मांतरण और अंत का नारा “अब सहेंगे नहीं, लड़ेंगे” सांप्रदायिक तनाव पैदा कर सकता है, ऐसा आरोप लगाया गया। कोर्ट ने सीबीएफसी के सर्टिफिकेट पर सवाल उठाते हुए रिलीज से पहले फिल्म देखने की बात कही।

मेकर्स ने आधिकारिक बयान में कहा, “ये खबरें पूरी तरह झूठी, बेबुनियाद और भ्रामक हैं। हमने कोई सामग्री डिलीट नहीं की है। मामला अभी अदालत में लंबित है, इसलिए अफवाहें न फैलाएं।” उन्होंने मीडिया और जनता से तथ्यों की जांच करने की अपील की, ताकि गलत नैरेटिव न बने। उल्का गुप्ता, अदिति भाटिया और ऐश्वर्या ओझा अभिनीत यह सीक्वल 27 फरवरी 2026 को रिलीज होनी है। पहली फिल्म की तरह ही यह जबरन धर्मांतरण पर आधारित है, जिसने पहले भी बहस छेड़ी थी।

यह विवाद बॉलीवुड के लिए पुराना दर्द है, जहां कला स्वतंत्रता और क्षेत्रीय भावनाओं का टकराव आम है। सोशल मीडिया पर लोग दो गुटों में बंटे हैं – कोई सच्चाई दिखाने की तारीफ कर रहा है, तो कोई राज्य को बदनाम करने का इल्जाम लगा रहा। फिलहाल कोर्ट की अगली सुनवाई का इंतजार है, लेकिन मेकर्स ने रिलीज पर रोक की कोई गुंजाइश नहीं छोड़ी।

इस पूरे विवाद ने दर्शकों और फिल्म इंडस्ट्री में एक बार फिर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता बनाम सामाजिक जिम्मेदारी की बहस को जन्म दिया है। जहां एक ओर दर्शक उत्सुक हैं कि फिल्म किस तरह का संदेश देगी, वहीं दूसरी ओर कानूनी और सामाजिक दबाव मेकर्स पर भारी पड़ रहा है। रिलीज से पहले ही फिल्म चर्चा का केंद्र बन चुकी है, और अब सबकी निगाहें 27 फरवरी पर टिकी हैं।

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