टाइगर श्रॉफ ने बॉलीवुड में अपनी अलग पहचान बनाने के लिए पारंपरिक रास्ता नहीं चुना, बल्कि एक्शन और फिटनेस को अपनी सबसे बड़ी ताकत बनाया। जहां उनके पिता जैकी श्रॉफ ने हर तरह के किरदार निभाकर दर्शकों का दिल जीता, वहीं टाइगर ने शुरुआत से ही अपने स्टाइल को अलग रखा। हीरोपंती से करियर की शुरुआत करते हुए उन्होंने तेजी से खुद को एक एक्शन स्टार के रूप में स्थापित किया।
उनकी फिल्मों में दमदार स्टंट्स, शानदार डांस और फिट बॉडी ने युवाओं के बीच खास लोकप्रियता दिलाई। वॉर, बागी, गणपत और बड़े मियां छोटे मियां जैसी फिल्मों के जरिए उन्होंने साबित किया कि वह सिर्फ स्टार किड नहीं, बल्कि अपनी मेहनत से बने एक्शन आइकन हैं।
फिटनेस और स्टंट्स के पीछे छुपा एक डर
परदे पर खतरनाक स्टंट्स को बड़ी आसानी से करने वाले टाइगर की जिंदगी में एक ऐसा डर भी है, जिसे जानकर फैंस हैरान रह जाते हैं। असल जिंदगी में उन्हें हवाई जहाज से सफर करने में बेहद डर लगता है। यह बात उन्होंने हाल ही में खुलकर साझा की।
टाइगर ने बताया कि कुछ साल पहले एक बेहद टर्बुलेंट फ्लाइट का अनुभव उनके लिए काफी डरावना रहा। उसी घटना के बाद से उड़ान भरने से पहले ही उन्हें घबराहट होने लगती है। यह डर इतना गहरा है कि अब वह इससे निकलने के लिए थेरेपी लेने पर भी विचार कर रहे हैं।
दिमाग मानने को तैयार नहीं
उन्होंने बताया कि पायलट्स और एक्सपर्ट्स उन्हें समझाते हैं कि टर्बुलेंस सामान्य बात है, जैसे ऊबड़-खाबड़ सड़क पर गाड़ी चलाना। लेकिन उनका दिमाग इसे स्वीकार नहीं कर पाता। टाइगर कहते हैं कि उन्हें हर चीज पर कंट्रोल रखना पसंद है, और यही वजह है कि उड़ान के दौरान असहज महसूस करते हैं।
फैसलों को लेकर भी रहता है कन्फ्यूजन
टाइगर ने यह भी स्वीकार किया कि वह कई बार छोटे-छोटे फैसलों को लेकर भी उलझन में पड़ जाते हैं। अपने दिन की प्लानिंग तक को लेकर वह असमंजस में रहते हैं, जिससे उन्हें निराशा भी होती है।
‘बागी 4’ का फीका प्रदर्शन
वर्कफ्रंट की बात करें तो टाइगर को आखिरी बार बागी 4 में देखा गया था। हालांकि यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कुछ खास कमाल नहीं दिखा पाई। करीब 80 करोड़ के बजट में बनी इस फिल्म ने दुनिया भर में लगभग 77.67 करोड़ रुपये का ही कारोबार किया।