Arjun Bijlani: टीवी एक्टर अर्जुन बिजलानी ने इंडस्ट्री में लेट पेमेंट पर की बात, बोले- 'देर से पेमेंट और लंबे घंटे काम करना मानसिक...'

Arjun Bijlani: टीवी इंडस्ट्री की चमक-दमक के पीछे की हकीकत अक्सर दर्शकों तक नहीं पहुंच पाती। हाल ही में मशहूर अभिनेता अर्जुन बिजलानी ने इस मुद्दे पर खुलकर अपनी राय रखी है। उन्होंने बताया कि टीवी कलाकारों को समय पर पेमेंट न मिलना और लगातार लंबे घंटे काम करना उनके लिए बेहद चुनौतीपूर्ण साबित होता है।

अपडेटेड Feb 06, 2026 पर 6:02 PM
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टीवी इंडस्ट्री के लोकप्रिय चेहरों में शुमार अर्जुन बिजलानी ने छोटे पर्दे के कलाकारों की कठिनाइयों पर खुलकर बात की है। लेट पेमेंट और हेक्टिक वर्किंग आवर्स को लेकर उन्होंने कहा कि यह न सिर्फ शारीरिक, बल्कि मानसिक रूप से भी थकाने वाला है। 'मेरा एंग्री मॉड' जैसे शोज से घर-घर मशहूर अर्जुन का यह बयान इंडस्ट्री में काम करने वालों के दर्द को उजागर करता है।

लेट पेमेंट का दर्द

अर्जुन ने बताया कि टीवी शोज में काम करने वाले एक्टर्स को अक्सर महीनों तक पेमेंट का इंतजार करना पड़ता है। प्रोड्यूसर्स भले ही बड़े वादे करें, लेकिन सैलरी देरी से आती है, जिससे आर्थिक तंगी हो जाती है। एक्टर ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि कभी-कभी 30-60 दिन बाद भी पैसे नहीं मिलते हैं। इससे परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो जाता है। उन्होंने अपील की कि कॉन्ट्रैक्ट में क्लियर पेमेंट टर्म्स होने चाहिए, ताकि कलाकार सुरक्षित रहें। पहले भी अर्जुन को एनर्जी ड्रिंक ब्रांड प्रमोशन में 40 लाख का स्कैम का सामना करना पड़ा था, जहां एडवांस न मिलने पर उन्होंने प्रोजेक्ट छोड़ दिया।

लंबी शिफ्ट्स की सजा


टीवी शोज की 12 घंटे की शिफ्ट सिर्फ कागजों पर है, हकीकत में 16-18 घंटे काम कराना आम बात है। अर्जुन बोले, "सुबह 7 बजे से रात 2 बजे तक सेट पर रहना पड़ता है। डायलॉग्स, रिहर्सल और रीटेक्स के चक्कर में नींद पूरी ही नहीं होती।" इससे थकान, तनाव और हेल्थ प्रॉब्लम्स बढ़ते हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि 8 घंटे की शिफ्ट लागू होनी चाहिए। एक्टर्स यूनियन को सक्रिय होकर नियम सख्त करने चाहिए। अर्जुन ने जोर देकर कहा कि यह चुनौतीपूर्ण है, लेकिन पैशन की वजह से सब सह लेते हैं।

सुधार की उम्मीद

अर्जुन जैसे सितारे आवाज उठाकर बदलाव ला रहे हैं। पहले भी उन्होंने साइबर फ्रॉड और आर्थिक संकट की कहानियां शेयर कीं, जैसे 40 हजार का क्रेडिट कार्ड घोटाला। इंडस्ट्री को अब हेल्थ इंश्योरेंस, टाइमली पेमेंट और वर्क-लाइफ बैलेंस पर फोकस करना होगा। उन्होंने दर्शकों से भी अपील की कि वे टीवी कलाकारों की मेहनत को समझें। जो मनोरंजन उन्हें रोज़ाना मिलता है, उसके पीछे कलाकारों की लगातार मेहनत और संघर्ष छिपा होता है।

अर्जुन बिजलानी ने यह भी स्वीकार किया कि टीवी इंडस्ट्री में काम करने वाले लोग बेहद मेहनती होते हैं। चाहे वह अभिनेता हों, तकनीशियन हों या क्रू मेंबर हर कोई दिन-रात मेहनत करता है। लेकिन जब मेहनत का उचित फल समय पर नहीं मिलता, तो यह पूरी इंडस्ट्री की छवि पर सवाल खड़े करता है।

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