बॉलीवुड की विवादास्पद फिल्म 'द केरल स्टोरी 2 - गोस बियॉन्ड' रिलीज से पहले ही राजनीतिक और कानूनी तूफान खड़ा कर चुकी है। केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने इसे "झूठी प्रोपगैंडा" और "विषैली रचना" करार देते हुए राज्य की धर्मनिरपेक्ष परंपरा पर हमला बताया। फिल्म के ट्रेलर पर आपत्ति जताते हुए उन्होंने कहा कि ये राज्य को बदनाम करने की साजिश है, जो सामाजिक सद्भाव को तोड़ने का प्रयास कर रही है।
ट्रेलर 17 फरवरी को रिलीज हुआ, जिसमें राजस्थान, मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों की लड़कियों को धोखे से धर्मांतरण का शिकार दिखाया गया। लेकिन टाइटल "केरल स्टोरी 2" रखकर पूरी जिम्मेदारी केरल पर डाल दी गई। अंत में "अब सहेंगे नहीं, लड़ेंगे" का नारा देकर हिंसा भड़काने का आरोप लगा। सीएम ने पहली फिल्म को भी झूठ का पुलिंदा कहा, जो सुप्रीम कोर्ट तक पहुंची थी। अब सीक्वल पर भी वही विवाद। निर्देशक कमख्या नारायण सिंह और प्रोड्यूसर विपुल शाह ने CBFC से UA सर्टिफिकेट ले लिया, लेकिन केरल हाईकोर्ट में याचिका दायर हो गई।
कन्नूर के श्रीदेव नाम्बूदिरी की PIL में मांग है कि सर्टिफिकेशन रद्द हो और रिलीज पर रोक लगे। याचिकाकर्ता का तर्क है कि ट्रेलर सार्वजनिक व्यवस्था, नैतिकता के खिलाफ है। सिनेमेटोग्राफ एक्ट की धारा 5B का हवाला देते हुए बोर्ड पर लापरवाही का इल्जाम लगाया। कोर्ट ने प्रोड्यूसर्स और CBFC को नोटिस जारी कर 24 फरवरी को सुनवाई तय की। याचिका में टाइटल बदलने, डिस्क्लेमर जोड़ने की मांग है। संविधान के अनुच्छेद 14, 19, 21 का उल्लंघन होने का दावा किया गया।
विवादों के बीच सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) ने फिल्म को U/A सर्टिफिकेट दे दिया है। यानी यह फिल्म बच्चों के लिए अभिभावकों की देखरेख में देखी जा सकती है। CBFC का यह फैसला भी चर्चा का विषय बना हुआ है, क्योंकि कई लोग मानते हैं कि इतनी विवादित फिल्म को और सख्त जांच की जरूरत थी।
गौरतलब है कि 2023 में आई ‘द केरला स्टोरी’ ने भी भारी विवाद खड़ा किया था। उस फिल्म में दिखाया गया था कि कैसे कुछ लड़कियों को धर्म परिवर्तन कर आतंकी संगठन ISIS में शामिल होने के लिए मजबूर किया गया। उस समय भी फिल्म पर कई याचिकाएं दाखिल हुई थीं और इसे बैन करने की मांग उठी थी।
सोशल मीडिया पर मलयाली यूजर्स मीम्स से तंज कस रहे हैं। समाजवादी नेता अबू आजिम आजमी ने भी विपुल शाह पर निशाना साधा। पहली फिल्म ने 242 करोड़ कमाए, लेकिन केरल में बैन हुई। ये सीक्वल उसी फॉर्मूले पर है। विवाद फिल्म को फ्री PR दे रहा। फैंस दो फाड़- कोई प्रोपगैंडा बता रहा, तो कोई सच्चाई दिखाने वाली। केरल की सियासत में ये नया मुद्दा बन गया।