मुंबई की चकाचौंध भरी दुनिया में संघर्ष की मिसाल कायम करने वाले अभिनेता विशाल जेठवा आज 'होमबाउंड' फिल्म से लाइमलाइट में हैं। एक साधारण घर में काम करने वाली मां के बेटे ने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि वह कान फिल्म फेस्टिवल की चमक और ऑस्कर की दौड़ में जगह बना लेंगे। लेकिन मेहनत और लगन ने उन्हें टीवी से बॉलीवुड का सितारा बना दिया।
गरीबी से निकलकर एक्टिंग की दुनिया में कदम
विशाल का जन्म 6 जुलाई 1994 को गुजराती परिवार में हुआ। मां घरों में झाड़ू लगातीं, बर्तन साफ करतीं, जबकि पिता छोटे-मोटे पैसे कमाते थे। विशाल ने मुंबई के ठाकर कॉलेज से ग्रेजुएशन करने के बाद एक्टिंग क्लास जॉइन की। एक्टर के करियर की शुरुआत टीवी से हुई जहां उन्होंने'महाराणा प्रताप' में युवा अकबर बने, फिर 'संकटमोचन हनुमान', 'दिया और बाती हम' जैसे शो में नेगेटिव रोल्स निभाए। सलमान खान के बैकग्राउंड डांसर तक रह चुके विशाल को असली ब्रेक 2019 में 'मर्दानी 2' से मिला, जहां रानी मुखर्जी के खिलाफ खूंखार विलेन बने। दर्शकों ने उनकी आंखों की चमक और डायलॉग डिलीवरी की तारीफ की।
'होमबाउंड' ने बदली किस्मत
2025 में नीरज घायवान की 'होमबाउंड' ने विशाल को नया मुकाम दिया। कान में वर्ल्ड प्रीमियर, 9 मिनट की तालियां और भारत की ओर से ऑस्कर एंट्री स्क्रीनिंग पर मां के संघर्ष की याद में आंसू छलक पड़े। फिल्म में इशान खट्टर-जान्हवी कपूर संग दोस्ती का रिश्ता निभाया, जो भावुक और चुनौतीपूर्ण था। पहले विलेन से हीरो बने विशाल ने 'सलाम वेंकी', 'ह्यूमन', 'टाइगर 3' और 'IB71' जैसे प्रोजेक्ट्स से अपनी रेंज साबित की।
विशाल कहते हैं, "मां की मेहनत ने मुझे सिखाया कि सपने बड़े हों या छोटे, मेहनत ही रास्ता है।" आज उनकी जिंदगी बदल चुकी है। नेट वर्थ करोड़ों में, लेकिन जड़ें वही सादगी भरी हैं। युवाओं के लिए प्रेरणा, विशाल साबित करते हैं कि स्टारडम का रास्ता कठिन होता है, लेकिन नामुमकिन नहीं है। परिवार की कुर्बानी और खुद की जिद ने उन्हें चमकाया है।
आज विशाल जेठवा बॉलीवुड में एक स्थापित नाम हैं। उनकी कहानी उन युवाओं के लिए प्रेरणा है जो कठिन हालात में भी अपने सपनों को छोड़ना नहीं चाहते। उन्होंने साबित किया कि सपनों को पूरा करने के लिए सिर्फ पैसे नहीं, बल्कि हिम्मत और माँ का आशीर्वाद भी काफी है।