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Asha Bhosle: जब किशोर दा की शरारतों से कांपती थीं आशा जी, एक ऐसी दोस्ती जिसने बदल दिया संगीत का इतिहास

Asha Bhosle And Kishore Kumar’s Friendship: आशा भोसले और किशोर कुमार की शरारतों से शुरू हुई वो अनूठी दोस्ती जो शुरुआती डर और संघर्षों से गुजरकर भारतीय संगीत की सबसे प्रतिष्ठित और सुरीली साझेदारी बनी। 92 वर्ष की आयु में आशा जी के निधन के साथ ही इस महान संगीत युग का अंत हो गया है, लेकिन उनकी और किशोर दा की जादुई विरासत हमेशा जीवित रहेगी।

Shradha Tulsyanअपडेटेड Apr 12, 2026 पर 10:10 PM
Asha Bhosle: जब किशोर दा की शरारतों से कांपती थीं आशा जी, एक ऐसी दोस्ती जिसने बदल दिया संगीत का इतिहास

भारतीय संगीत जगत में जब भी मधुर युगलों (duets) की बात होती है, तो आशा भोसले और किशोर कुमार का नाम सबसे पहले जहन में आता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि जिस जोड़ी ने पर्दे पर रोमांस और मस्ती के सैकड़ों नगमे दिए, उनकी शुरुआत डर और घबराहट से हुई थी? यह कहानी है एक ऐसे सफर की, जो चिढ़ाने-खिझाने से शुरू होकर एक अटूट पारिवारिक रिश्ते में बदल गया।

डर और शरारतों भरा शुरुआती दौर

आशा भोसले ने एक पुराने इंटरव्यू में साझा किया था कि करियर के शुरुआती दिनों में वह किशोर कुमार से बेहद खौफ खाती थीं। किशोर दा अपनी बेबाक और चुलबुली शख्सियत के लिए मशहूर थे, और आशा जी उनकी इसी मस्ती का शिकार बन जाती थीं। वे अक्सर रिकॉर्डिंग स्टूडियो में आशा जी को चिढ़ाया करते थे।

एक वाकया याद करते हुए उन्होंने बताया था कि एक बार उन्होंने किसी शब्द का उच्चारण मराठी लहजे में कर दिया था। बस फिर क्या था, किशोर दा ने उसे पकड़ लिया और उनका एक मज़ेदार नाम रख दिया। वे ग्रुप बनाकर उन्हें चिढ़ाते थे, जिससे आशा जी काफी असहज और डरी हुई महसूस करती थीं।

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