Cinema Ka Flashback: सलीम खान और जावेद अख्तर की जोड़ी हिंदी सिनेमा की सबसे पॉपुलर जोड़ियों में से एक रही है। सलीम-जावेद के नाम से मशहूर इस दिग्गज जोड़ी ने बॉलीवुड में कहानी कहने के तरीके को नया रूप दिया और कई ब्लॉकबस्टर फिल्में दीं, जो आज भी लोगों को प्रभावित कर रही हैं। लेकिन सफलता के शिखर पर पहुंचकर, इन दोनों लेखकों ने अलग होने का फैसला किया, जिससे फिल्म जगत हैरान रह गया था।
एक पुराने इंटरव्यू में सलीम खान ने उस पल को याद किया जब जावेद अख्तर ने उन्हें अलग रास्ता अपनाने के अपने फैसले के बारे में बताया था। उन्होंने बताया कि बातचीत शांत थी, लेकिन सब शॉकिंग था।
खान ने दूरदर्शन पर कहा इस बारे में खुलकर बात की थी। उन्होंने बताया कि, “एक दिन शाम को मैं काम कर रहा था। जावेद मुझसे कहा कि ‘मैं अलग होना चाहता हूं’। मुझे लगा कि मैंने उनकी बात ठीक से नहीं सुनी। उन्होंने कहा, ‘मैं अलग काम करना चाहता हूं’। मैंने उनसे कहा कि पांच मिनट पहले तक तो उन्होंने ऐसा सोचा भी नहीं होगा। तब उन्होंने कहा कि वे कुछ समय से सोच रहे थे। इसके बाद मैं उठा, हाथ मिलाया और बाहर खड़ी अपनी कार की ओर चल पड़ा। वे कार की ओर आने लगे। तभी मैंने कार को घर की ओर मोड़ा और कहा, ‘मैं अपना ख्याल खुद रख सकता हूं।
इस शांत और गरिमापूर्ण बातचीत ने एक युग के अंत का हिंट दे दिया था। अलग होने के बाद भी दोनों ने सालों तक आपसी सम्मान बनाए रखा - यह तब देखा गया, जब हाल ही में जावेद अख्तर को सलीम खान से उनकी तबीयत बिगड़ने पर मुंबई के लीलावती अस्पताल में मिलने जाते देखा गया।
1970 से 1982 के बीच, सलीम-जावेद ने 24 फिल्मों की स्टोरी लिखी, जिनमें से 22 व्यावसायिक रूप से सफल रहीं। उनके काम ने उस इंडस्ट्री में पटकथा लेखकों का दर्जा ऊंचा किया, जहां लंबे समय से अभिनेताओं और निर्देशकों को ही प्राथमिकता दी जाती रही थी।