शोक की घड़ी में जब कोई व्यक्ति अपने सबसे प्रिय को खो देता है, तो उसकी मानसिक स्थिति शब्दों में बयान करना मुश्किल होता है। दिग्गज गायिका आशा भोंसले के निधन के बाद उनका पूरा परिवार गहरे सदमे में है। लेकिन इस दुख के बीच, सोशल मीडिया और कुछ मीडिया घरानों की संवेदनहीनता ने उनकी पोती, जनाई भोंसले को आहत कर दिया है। जनाई ने एक मीडिया हाउस को उनके पुराने वीडियो शेयर कर भ्रम फैलाने के लिए कड़ी फटकार लगाई है।
दुख की घड़ी में संवेदनहीनता का शिकार
आशा भोंसले का 12 अप्रैल को 92 वर्ष की आयु में निधन हो गया, जिससे संगीत जगत में एक कभी न भरने वाला शून्य पैदा हो गया है। जनाई भोंसले अपनी दादी के बेहद करीब थीं और उन्हें अपना 'बेस्ट फ्रेंड' मानती थीं। हाल ही में एक मशहूर पैपराजी पेज ने जनाई का एक पुराना वीडियो शेयर किया, जिसमें वह अभिनेत्री रीम सेन के साथ हंसती-मुस्कुराती नजर आ रही हैं।
"मैंने अपनी जिंदगी का प्यार खो दिया"
दादी के अंतिम संस्कार के बाद जनाई ने इंस्टाग्राम पर एक बेहद भावुक पोस्ट लिखी थी, जो किसी का भी दिल दहला सकती है। उन्होंने अपनी और आशा जी की एक पुरानी वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि उन्होंने अपनी 'पार्टनर इन क्राइम' और अपनी पूरी दुनिया को खो दिया है।
जनाई ने अपने दिल का हाल बयां करते हुए कहा, "अब मैं सुबह उठकर किसे गले लगाऊंगी? किसके साथ चाय पियूंगी? जब मैं घर आऊंगी तो मेरा इंतजार कौन करेगा?" उनकी ये बातें दर्शाती हैं कि वह अपनी दादी से कितना गहरा जुड़ाव रखती थीं। उन्होंने प्रशंसकों से अपील की कि आशा भोंसले को हमेशा उनकी हंसी और जिंदादिली के लिए याद रखा जाए, क्योंकि वह जीवन का पर्याय थीं।
मीडिया की जिम्मेदारी पर सवाल
जनाई भोंसले का यह गुस्सा जायज है और यह सोशल मीडिया के दौर में 'क्लिकबेट' और 'व्यूज' की दौड़ पर सवाल उठाता है। जब कोई परिवार शोक में हो, तो पुरानी क्लिप्स को ताजा बताकर पेश करना न केवल अनैतिक है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं का अपमान भी है।
जनाई ने इस मुश्किल समय में निजता और सम्मान की मांग की है। उनकी कहानी हमें याद दिलाती है कि पर्दे के पीछे के कलाकार और उनके परिवार भी इंसान हैं, जिनकी भावनाओं का सम्मान किया जाना चाहिए। फिलहाल, पूरा भोंसले परिवार और करोड़ों प्रशंसक 'सुरों की मलिका' के जाने का दुख मना रहे हैं, और ऐसे में जनाई जैसी युवा कलाकार को मानसिक सहारा देने की जरूरत है, न कि उन्हें विवादों में घसीटने की।