लोकप्रिय भारतीय गायक-गीतकार जुबिन गर्ग सितंबर 2025 में सिंगापुर के लाजरस द्वीप के पास तैरते हुए डूब गए थे। उस वक्त वे बुरी तरह नशे में धुत थे। यह बात 14 जनवरी को कोरोनर कोर्ट में पुलिस जांच अधिकारी ने बताई। द स्ट्रेट्स टाइम्स और न्यूज एजेंसी PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, यह जानकारी सामने आई। पुलिस कोस्ट गार्ड के असिस्टेंट सुपरिंटेंडेंट डेविड लिम ने गवाही दी। उन्होंने कहा कि 19 सितंबर 2025 को जुबिन एक यॉट से पानी में उतरे। इससे पहले उन्होंने शराब पी ली थी और लाइफ जैकेट पहनने से मना कर दिया। वे अगले दिन नॉर्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल में परफॉर्म करने सिंगापुर आए थे।
दोस्तों ने उन्हें यॉट पर वापस बुलाने की कोशिश की, लेकिन वे स्थिर हो गए और पेट के बल तैरते दिखे। यॉट पर लाए जाने के बाद उन्हें CPR दिया गया। उन्हें सिंगापुर जनरल हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां उसी दिन उनकी मौत हो गई। मौत का कारण डूबना पाया गया।
टॉक्सिकोलॉजी टेस्ट में जुबिन के खून में 100 मिलीलीटर में 333 मिलीग्राम अल्कोहल मिला। सिंगापुर की कानूनी सीमा 80 mg है, यानी चार गुना ज्यादा। डॉक्टरों ने कहा कि इससे संतुलन और रिफ्लेक्स खराब हो जाते हैं। गवाहों ने बताया कि वे लड़खड़ा रहे थे। दोस्तों ने यॉट पर चढ़ते वक्त उनका हाथ पकड़ रखा था।
यॉट दोपहर 2 बजे केप्पेल बे के मरीना से रवाना हुआ। 2:30 बजे लाजरस द्वीप के पास पहुंचा। जुबिन ने पहले लाइफ जैकेट पहनी, लेकिन बाद में उतार दी। बोले, "बहुत बड़ा है।" वापस आने पर उनकी सांस फूल रही थी, मदद से उन्हें चढ़ाया गया। फिर वह दोबारा तैरने गए। तब उन्हें छोटी जैकेट ऑफर की, लेकिन मना कर दिया और अकेले ही पानी में उतर गई।
गवाहों ने कहा कि अचानक उनमें हलचल बंद हो गई। मुंह से झाग निकला। इमरजेंसी कॉल पर पुलिस कोस्ट गार्ड की नाव जल्दी पहुंची।
डॉक्टरों ने बताया कि जुबिन को हाई ब्लड प्रेशर और मिर्गी की समस्या थी। ऑटोप्सी में दौरा पड़ने का सबूत नहीं मिला। शरीर पर चोटें CPR देने के दौरान लगीं थीं। खून में उनकी पुरानी बीमारियों से जुड़ी दवाइयां मिलीं, इसके अलावा कोई दूसरा ड्रग नहीं था।
पुलिस ने कोर्ट को कहा कि सुसाइड, जबरदस्ती या साजिश का कोई सबूत नहीं है। मौत के हालात की जांच में 35 गवाहों की गवाही होगी। अब इस मामले में सुनवाई फरवरी को होगी।