Gut Health: इन 5 आसान तरीकों से सुधारें अपनी 'गट हेल्थ'

Gut Health: गट हेल्थ यानी आंतों की सेहत को आजकल अच्छी सेहत की मजबूत नींव माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि स्वस्थ आंतें सिर्फ पाचन ही नहीं, बल्कि शरीर की ऊर्जा, इम्यूनिटी और ओवरऑल वेलनेस पर भी असर डाल सकती हैं। अच्छी बात यह है कि गट हेल्थ सुधारने के लिए बड़े बदलाव नहीं, बल्कि खानपान में किए गए कुछ छोटे और समझदारी भरे बदलाव ही काफी हो सकते हैं

अपडेटेड May 30, 2026 पर 12:46 PM
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Gut Health: इन छोटे बदलावों को अपनाने से पाचन बेहतर हो सकता है

गट हेल्थ को लेकर लोगों की दिलचस्पी तेजी से बढ़ रही है। अब इसे सिर्फ पाचन से जोड़कर नहीं देखा जाता, बल्कि शरीर की कई महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं से इसका संबंध माना जाता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, आंतों की अच्छी सेहत शरीर को अंदर से मजबूत बनाने में मदद कर सकती है। खास बात यह है कि इसके लिए बड़े बदलाव करने की जरूरत नहीं होती। रोज की थाली में कुछ समझदारी भरे बदलाव और बेहतर खानपान की आदतें अपनाकर गट हेल्थ को काफी हद तक बेहतर बनाया जा सकता है।

आंतों के अंदर छिपी है सेहत की बड़ी दुनिया

AIIMS, हार्वर्ड और स्टैनफोर्ड से प्रशिक्षित गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट  डॉ. सौरभ सेठी का कहना है कि गट हेल्थ को बेहतर बनाने के लिए बड़े बदलावों की नहीं, बल्कि रोजमर्रा की खानपान की आदतों में छोटे-छोटे सुधारों की जरूरत होती है। हाल ही में उन्होंने इंस्टाग्राम  पर ऐसे पांच आसान फूड स्वैप साझा किए, जिन्हें अपनाकर पाचन तंत्र को मजबूत बनाने और आंतों में अच्छे बैक्टीरिया के संतुलन को बेहतर करने में मदद मिल सकती है।


प्रोसेस्ड मीट की जगह ताजा प्रोटीन अपनाएं

अगर आप अक्सर प्रोसेस्ड मीट खाते हैं, तो इसे बदलने का समय आ गया है। विशेषज्ञों के अनुसार, इनमें मौजूद प्रिजर्वेटिव और अन्य तत्व आंतों के संतुलन को प्रभावित कर सकते हैं। इसकी जगह अंडे, ग्रिल्ड चिकन, फैटी फिश, टोफू या पनीर जैसे विकल्प चुनना बेहतर माना जाता है। इससे शरीर को अच्छी गुणवत्ता वाला प्रोटीन भी मिलता है।

डाइट सोडा छोड़ें, नींबू वाला स्पार्कलिंग वॉटर चुनें

कम चीनी होने की वजह से कई लोग डाइट सोडा को बेहतर विकल्प मानते हैं। हालांकि, कुछ रिसर्च बताते हैं कि कृत्रिम मिठास गट माइक्रोबायोम को प्रभावित कर सकती है। ऐसे में नींबू के साथ स्पार्कलिंग वॉटर एक ताजगीभरा और बेहतर विकल्प हो सकता है।

हल्के हरे केले क्यों हैं खास?

पूरी तरह पके केले की तुलना में हल्के हरे केले में "रेजिस्टेंट स्टार्च" ज्यादा होता है। ये अच्छे बैक्टीरिया के लिए भोजन की तरह काम करता है और आंतों के स्वास्थ्य को समर्थन दे सकता है। साथ ही ये ब्लड शुगर को संतुलित रखने में भी मददगार माना जाता है।

फ्लेवर्ड योगर्ट से ज्यादा फायदेमंद है सादा दही

बाजार में मिलने वाले फ्लेवर्ड योगर्ट स्वादिष्ट जरूर लगते हैं, लेकिन उनमें अक्सर अतिरिक्त चीनी मौजूद होती है। इसके बजाय सादा दही, ग्रीक योगर्ट या केफिर का सेवन करना बेहतर माना जाता है। इनमें मौजूद प्रोबायोटिक्स आंतों के लिए लाभकारी हो सकते हैं।

सफेद ब्रेड की जगह होल ग्रेन सॉरडो ब्रेड

सफेद ब्रेड की तुलना में होल ग्रेन सॉरडो ब्रेड प्राकृतिक फर्मेंटेशन प्रक्रिया से तैयार होती है। इस वजह से यह पचने में आसान मानी जाती है और आंतों के लिए बेहतर विकल्प हो सकती है। साथ ही यह अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ावा देने में भी मदद कर सकती है।

छोटी आदतें बन सकती हैं बड़ी ताकत

गट हेल्थ रातों-रात नहीं सुधरती। इसके लिए रोजाना लिए जाने वाले छोटे फैसले ज्यादा मायने रखते हैं। ज्यादा फाइबर खाना, कम प्रोसेस्ड फूड चुनना और समझदारी से फूड स्वैप करना लंबे समय में पाचन को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है।

क्या हो सकते हैं फायदे?

इन छोटे बदलावों को अपनाने से पाचन बेहतर हो सकता है, पेट फूलने की समस्या कम हो सकती है, आंतों में अच्छे बैक्टीरिया का संतुलन सुधर सकता है और ओवरऑल हेल्थ पर भी सकारात्मक असर पड़ सकता है। कई बार सबसे बड़े बदलाव छोटी-छोटी आदतों से ही शुरू होते हैं।

डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी सामान्य स्वास्थ्य सुझावों पर आधारित है। इसे किसी योग्य चिकित्सा राय का विकल्प न मानें। किसी भी नए व्यायाम को शुरू करने से पहले विशेषज्ञ या डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

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