वजन घटाने की कोशिश कर रहे लोगों के लिए सही खानपान सबसे अहम भूमिका निभाता है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक डाइट में फाइबर और प्रोटीन की पर्याप्त मात्रा शामिल करने से वेट लॉस की प्रक्रिया तेज हो सकती है। ऐसे में बथुआ एक बेहतरीन हरी पत्तेदार सब्जी के रूप में सामने आता है, जिसे सर्दियों में खास तौर पर खाया जाता है। पोषक तत्वों से भरपूर बथुआ शरीर को जरूरी ताकत देने के साथ पाचन को बेहतर बनाने में मदद करता है। इसका नियमित सेवन पेट को लंबे समय तक भरा रखता है, जिससे बार-बार भूख लगने की समस्या कम होती है।
यही वजह है कि पेट की चर्बी धीरे-धीरे कम होने लगती है और वजन संतुलित होने लगता है। इसके अलावा बथुआ में मौजूद विटामिन और मिनरल इम्युनिटी को मजबूत करने में भी सहायक माने जाते हैं। आसान तरीके से डाइट में शामिल किया जाए तो बथुआ वेट लॉस के साथ सेहत के लिए भी फायदेमंद साबित हो सकता है।
सर्दियों की ताकतवर हरी सब्जी
ठंड के मौसम में बथुआ खास तौर पर खाया जाता है। इसकी तासीर शरीर को गर्म रखने में मदद करती है। ये सब्जी औषधीय गुणों से भरपूर मानी जाती है और सही तरीके से इस्तेमाल करने पर कई गंभीर समस्याओं से बचाव कर सकती है।
बथुआ और वेट लॉस का कनेक्शन
बथुआ का सेवन करने से वजन घटाने की प्रक्रिया तेज होती है। सर्दियों में इसे अपनी डाइट का हिस्सा बनाना फायदेमंद माना जाता है। इसके नियमित सेवन से पेट की चर्बी कम होने लगती है और कुछ ही दिनों में फर्क नजर आने लगता है। इसे दिन और रात, दोनों समय अलग-अलग तरीकों से खाया जा सकता है।
मोटापे में क्यों जरूर खाएं बथुआ
बथुआ को पोषक तत्वों से भरपूर हरी सब्जी माना जाता है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लामेटरी गुण मोटापे से जुड़ी बीमारियों के खतरे को कम करते हैं। मोटापा दिल की बीमारी, डायबिटीज और कैंसर जैसी समस्याओं की बड़ी वजह बन सकता है, ऐसे में बथुआ सहायक साबित होता है।
बथुआ में फाइबर और प्रोटीन अच्छी मात्रा में पाया जाता है, जिससे पेट लंबे समय तक भरा रहता है। इसमें कैलोरी कम होती है, इसलिए शरीर को फैट बर्न करने में ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ती। साथ ही इसमें मौजूद आयरन, कैल्शियम और विटामिन बी शरीर को कुपोषण से बचाने में मदद करते हैं।
सर्दियों में बथुआ के परांठे, रायता और साग काफी पसंद किए जाते हैं, लेकिन वजन घटाने वालों को परांठे से परहेज करना चाहिए। बथुआ का रायता दिन में बाजरे की रोटी के साथ लिया जा सकता है, जबकि रात के खाने में बथुआ का साग मोटे अनाज की रोटी के साथ फायदेमंद माना जाता है।
वजन कम करने की कोशिश कर रहे लोगों के लिए मोटे अनाज बेहद उपयोगी होते हैं। ये ज्यादातर ग्लूटेन फ्री होते हैं और इनमें भरपूर फाइबर व प्रोटीन होता है। प्रोटीन कमजोरी से बचाता है, जबकि फाइबर पेट को भरा रखकर वेट लॉस की रफ्तार बढ़ाता है।
दवा की तरह काम करता है बथुआ
बथुआ सिर्फ वजन घटाने में ही नहीं, बल्कि कई स्वास्थ्य समस्याओं में भी लाभकारी माना जाता है। आयुष मंत्रालय से जुड़ी जानकारियों के अनुसार, ये किडनी की सूजन में राहत दे सकता है, यूरिक एसिड घटाने में मदद करता है और आर्थराइटिस से बचाव करता है। एनीमिया, व्हाइट डिस्चार्ज और अनियमित पीरियड्स में भी इसका सेवन फायदेमंद हो सकता है, हालांकि गर्भवती महिलाओं को इससे दूरी बनानी चाहिए।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी केवल सामान्य उद्देश्य के लिए है। इसे किसी भी तरह से दवा या इलाज का विकल्प न मानें। किसी भी समस्या में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।