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हीटवेव में ठंडा शॉवर क्यों बन सकता है खतरा? जानिए शरीर पर इसका असर

The ‘Cool Shower’ Myth: ठंडे पानी से नहाना भले ही तुरंत ताजगी देता है, लेकिन यह शरीर की प्राकृतिक ठंडा होने की प्रक्रिया को बाधित कर सकता है। इससे शरीर में गर्मी फंस सकती है और हीटस्ट्रोक का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए एक्सपर्ट्स गर्मी के दौरान गुनगुने या हल्के ठंडे पानी से नहाने की सलाह देते हैं

Edited By: Anchal Jhaअपडेटेड Apr 27, 2026 पर 1:00 PM
हीटवेव में ठंडा शॉवर क्यों बन सकता है खतरा? जानिए शरीर पर इसका असर
The ‘Cool Shower’ Myth: हमारा शरीर “थर्मोरेगुलेशन” प्रक्रिया के जरिए तापमान नियंत्रित करता है।

तेज गर्मी और हीटवेव के दिनों में शरीर को ठंडक देने की चाह स्वाभाविक होती है, ऐसे में ठंडे पानी से नहाना सबसे आसान और ताज़गी भरा विकल्प लगता है। पसीने और चिपचिपाहट से राहत पाने के लिए लोग अक्सर बर्फ जैसे ठंडे पानी का सहारा लेते हैं। हालांकि, यह राहत सिर्फ कुछ समय के लिए होती है और हर बार शरीर के लिए फायदेमंद नहीं मानी जाती। विशेषज्ञों का मानना है कि बहुत ठंडा पानी शरीर की प्राकृतिक कूलिंग प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है।

अचानक तापमान में बदलाव से शरीर पर दबाव पड़ता है, जिससे अंदर की गर्मी बाहर निकलने के बजाय फंस सकती है। यही वजह है कि कई बार ठंडे पानी से नहाने के बाद थोड़ी देर में फिर से गर्मी महसूस होने लगती है। इसलिए जरूरी है कि गर्मी में नहाने का तरीका सोच-समझकर अपनाया जाए।

देशभर में बढ़ती गर्मी का असर

इन दिनों कई इलाकों में तापमान 42 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा है। गर्म हवाएं और उमस भरी रातें लोगों की परेशानी बढ़ा रही हैं। ऐसे मौसम में शरीर को ठंडा रखना एक बड़ी चुनौती बन जाता है।

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