डायबिटीज आज के समय की सबसे तेजी से फैलने वाली बीमारियों में शामिल हो चुकी है और चिंताजनक बात ये है कि अब ये केवल बुजुर्गों तक सीमित नहीं रही, बल्कि युवा और यहां तक कि बच्चों में भी देखने को मिल रही है। बदलती लाइफस्टाइल, अनियमित खान-पान, बढ़ता तनाव और शारीरिक गतिविधियों की कमी इसके प्रमुख कारण बन रहे हैं। खासतौर पर जिन लोगों का वजन अधिक होता है या जो दिनभर बैठे-बैठे काम करते हैं, उनमें इसका खतरा और भी ज्यादा बढ़ जाता है। इस बीमारी की सबसे बड़ी चुनौती ये है कि शुरुआत में इसके लक्षण साफ तौर पर नजर नहीं आते, जिस कारण कई लोग लंबे समय तक इससे अनजान रहते हैं।
धीरे-धीरे जब ब्लड शुगर लेवल बढ़ने लगता है, तब इसका असर शरीर के अलग-अलग अंगों पर दिखने लगता है। ऐसे में जरूरी है कि समय रहते इसे समझा जाए और अपनी डाइट व लाइफस्टाइल में जरूरी बदलाव किए जाएं, ताकि इस साइलेंट बीमारी को कंट्रोल में रखा जा सके।
डायबिटीज में खाने की मात्रा, समय और अंतराल का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। सही समय पर और सही गैप के साथ भोजन करने से ब्लड शुगर कंट्रोल में रहता है।
मरीज जौ, दलिया, सामक और कोद्राव चावल, अरहर, काबुली चने, हरी पत्तेदार सब्जियां, कच्चा केला, अनार, लीची, एवोकाडो और अमरूद खा सकते हैं। सीमित मात्रा में दूध और दही भी फायदेमंद हैं।
ज्यादा नमक, कोल्ड ड्रिंक्स, चीनी, आइसक्रीम, जंक फूड, आलू, सोयाबीन, मैदा और डीप फ्राइड फूड से दूर रहें। घी, गुड़, चीनी और रिफाइंड का सेवन बिल्कुल सीमित करें।
दिन में वॉक करें, लेकिन खाली पेट एक्सरसाइज न करें। वॉक से पहले भीगे हुए बादाम या अखरोट और प्रोटीन का सेवन फायदेमंद है। स्मोकिंग और दिन में सोने से बचें, ताकि ब्लड शुगर लेवल संतुलित रहे।
डिस्क्लेमर: यह लेख सिर्फ सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें।