गर्मियों का मौसम जितना सख्त और परेशान करने वाला होता है, उतना ही यह हमारी सेहत पर भी गहरा असर डालता है। तेज धूप, बढ़ती गर्मी और शरीर में पानी की कमी कई तरह की समस्याओं को जन्म देती है। इस दौरान सबसे ज्यादा असर हमारे पेट और पाचन तंत्र पर देखने को मिलता है। लोगों को अक्सर उल्टी, दस्त, एसिडिटी, पेट दर्द और फूड पॉइजनिंग जैसी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। डॉक्टरों के अनुसार, ज्यादा तापमान शरीर के अंदरूनी संतुलन को बिगाड़ देता है, जिससे खाना पचाने की प्रक्रिया धीमी हो जाती है।
गर्मी में पाचन तंत्र पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है और शरीर को भोजन को प्रोसेस करने में ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। यही वजह है कि इस मौसम में हल्का और सही खानपान बेहद जरूरी हो जाता है, ताकि पेट की समस्याओं से बचा जा सके और शरीर स्वस्थ बना रहे।
बैक्टीरिया और दूषित खाना बनते हैं सबसे बड़ा खतरा
नई दिल्ली के सर गंगाराम हॉस्पिटल के गैस्ट्रो विशेषज्ञ डॉ. अनिल अरोड़ा बताते हैं कि गर्मियों में बैक्टीरिया और वायरस तेजी से बढ़ते हैं। गर्म और नमी वाला मौसम साल्मोनेला और ई. कोलाई जैसे हानिकारक बैक्टीरिया के लिए अनुकूल होता है। यही कारण है कि बाहर रखा खाना जल्दी खराब हो जाता है और फूड पॉइजनिंग का खतरा बढ़ जाता है।
शरीर में पानी की कमी से बिगड़ता पाचन
गर्मी में ज्यादा पसीना आने से शरीर से पानी और जरूरी इलेक्ट्रोलाइट्स निकल जाते हैं। इससे डिहाइड्रेशन होता है, जिसका सीधा असर आंतों पर पड़ता है। पानी की कमी से कब्ज, पेट भारी लगना और ब्लोटिंग जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं। साथ ही, शरीर ब्लड फ्लो को स्किन की ओर मोड़ देता है, जिससे पाचन तंत्र कमजोर पड़ जाता है।
मेटाबॉलिज्म और एसिडिटी का बढ़ता असर
गर्मियों में शरीर का मेटाबॉलिज्म बदल जाता है, जिससे पेट में एसिड का उत्पादन बढ़ सकता है। ज्यादा मसालेदार खाना, चाय-कॉफी और कोल्ड ड्रिंक्स का सेवन इस समस्या को और बढ़ा देता है। इसके कारण सीने में जलन, खट्टी डकारें और एसिडिटी जैसी परेशानी होने लगती है।
क्या खाएं और कैसे रखें पेट को ठंडा
इस मौसम में हल्का और ठंडक देने वाला खाना सबसे अच्छा माना जाता है। दही, छाछ, खीरा और तरबूज जैसे फूड पेट को राहत देते हैं और शरीर का संतुलन बनाए रखते हैं। ये चीजें पेट के pH लेवल को भी ठीक रखने में मदद करती हैं।
डॉक्टरों के अनुसार गर्मियों में दिनभर में 3 से 4 लीटर पानी पीना चाहिए। साथ ही नींबू पानी या ORS भी फायदेमंद है। बाहर के खुले खाने और स्ट्रीट फूड से बचना चाहिए क्योंकि इनमें संक्रमण का खतरा ज्यादा होता है। अगर पेट दर्द, उल्टी या बुखार जैसे लक्षण दिखें तो इसे हल्के में न लें और तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।
डिस्क्लेमर: यह लेख सिर्फ सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें।